ऑपरेशन क्लीन हंट” की गूंज रायगढ़ में सट्टा साम्राज्य की दीवारें दरकती हुईं, सक्ती से दबोचा गया फरार ‘आकाश पंसारी’

ऑपरेशन क्लीन हंट” की गूंज: रायगढ़ में सट्टा साम्राज्य की दीवारें दरकती हुईं, सक्ती से दबोचा गया फरार ‘आकाश पंसारी’

जब डिजिटल अपराध का पर्दा उठा और एक एक कर गिरने लगे सट्टा साम्राज्य के चेहरे

रायगढ़, 14 जून 2026।रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि डिजिटल अंडरवर्ल्ड कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता ,“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चल रही लगातार कार्रवाई में पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और हवाला नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपी आकाश पंसारी (निवासी ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती) को गिरफ्तार कर लिया है।

यह गिरफ्तारी सिर्फ एक नाम की नहीं, बल्कि उस पूरे डिजिटल सिंडिकेट की एक और अहम कड़ी की टूटन मानी जा रही है, जिसकी जड़ें रायगढ़ से लेकर दिल्ली तक फैली हुई बताई जा रही हैं।

करण चौधरी का साम्राज्य जहां नंबरों पर चलता था करोड़ों का खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क कुख्यात करण चौधरी गैंग के इर्द-गिर्द घूमता था। इसी सिंडिकेट से जुड़े कई नाम पहले ही गिरफ्त में आ चुके हैं और अब नए खुलासे लगातार परतें खोल रहे है आकाश पंसारी पर आरोप है कि वह इस नेटवर्क में केवल एक सहयोगी नहीं, बल्कि सट्टा रकम को हवाला चैनल तक पहुंचाने की अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था।साथ ही इस पूरे नेटवर्क में एक और नाम चर्चा में है जसमीत सिंह बग्गा उर्फ ‘गुड्डा सरदार’, जो इस सट्टा रैकेट के विस्तार से जुड़ा हुआ बताया गया है।

सक्ती की गलियों में छिपा था डिजिटल खिलाड़ी साइबर टीम ने ऐसे दबोचा थाना साइबर रायगढ़ की टीम लगातार तकनीकी इनपुट, लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिर नेटवर्क के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी थी।आखिरकार सक्ती में दबिश देकर पुलिस ने आकाश पंसारी को धर दबोचा, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।प्रारंभिक पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन से जुड़ा थाहवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने में मदद करता थाऔर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों से लगातार संपर्क में था

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डिजिटल ट्रेल जो झूठ नहीं बोलता चैट, कॉल और UPI ने खोल दी पूरी कहानी जांच में पुलिस को ऐसे तकनीकी सबूत मिले जिन्होंने पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ कर दी कॉल डिटेल रिकॉर्डचैट हिस्ट्री UPI ट्रांजेक्शनऔर डिजिटल फाइनेंशियल ट्रेलइन सबने मिलकर यह साबित किया कि यह सिर्फ सट्टा नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट है।

रायगढ़ से दिल्ली तक फैला जाल, जहां पैसे नहीं, सिस्टम चलता था पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था।बल्कि यह रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ एक संगठित रैकेट था।सट्टे की रकम को पेट्रोल पंपमेडिकल स्टोर और अन्य व्यापारिक चैनलों के जरिए कैश डंप किया जाता था, जिसके बाद उसे हवाला के माध्यम से आगे भेजा जाता था।

कृष्णा प्राइड टॉवर जहां नोटों ने भी शोर मचा दिया था जांच में एक बड़ा खुलासा कृष्णा प्राइड टॉवर से भी जुड़ा है, जहां पुलिस ने पहले छापेमारी में भारी नकदी बरामद की थी सुनील अग्रवाल से करीब 50 लाख रुपये नकद पुष्कर अग्रवाल से 52.60 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन और कई मोबाइल फोन पुलिस के अनुसार, यही लोग इस पूरे नेटवर्क में मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला चैनलिंग की अहम भूमिका निभा रहे थे।

26 अप्रैल की वो रात जब पहली बार सिस्टम हिला था 26 अप्रैल 2026 को रायगढ़ पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें शामिल थे सोनू देवांगन हर्षित देवांगन भरत गोयल गौतम भोजवानी लक्ष्मीनारायण सिदार सागर गुप्ता उसी कार्रवाई ने इस पूरे सिंडिकेट की नींव हिला दी थी।

अब कानून के घेरे में पूरा नेटवर्क हर परत की हो रही जांच पुलिस अब पूरे सिंडिकेट की वित्तीय और डिजिटल जांच में जुटी है।जांच के दायरे में हर वह व्यक्ति है जो पैसे के ट्रांजेक्शन में शामिल थाडिजिटल अकाउंट इस्तेमाल कर रहा थाया फिर हवाला चैनल को सपोर्ट कर रहा था

बरामदगी डिजिटल सबूतों की मजबूत कड़ीआकाश पंसारी के पास से पुलिस ने बरामद किया एक iPhone (करीब ₹60,000)एक Vivo मोबाइल (करीब ₹5,000)इन्हीं डिवाइसों से सिंडिकेट के कई अहम डिजिटल लिंक मिलने की संभावना है।

SSP का साफ संदेश: खेल अब खत्म होने वाला है रायगढ़ पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा ऑनलाइन सट्टा, हवाला और आर्थिक अपराध से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर पूरा नेटवर्क खत्म किया जाएगा।

ऑपरेशन के पीछे की टीम इस कार्रवाई में साइबर थाना की टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें शामिल रहे थाना प्रभारी विजय चेलकएएसआई नंद कुमार सारथीप्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंहआरक्षक जगमोहन ओगरे, पुष्पेन्द्र जाटवर, गोविंद पटेलमहिला आरक्षक मेनका चौहान

नतीजा एक गिरफ्तारी नहीं, एक पूरे डिजिटल साम्राज्य की दरकती हुई नींव ऑपरेशन क्लीन हंट अब सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक ऐसा अभियान बन चुका है जिसने ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क की रीढ़ को हिला दिया है और जांच अभी खत्म नहीं हुई कहानी अभी बाकी है।

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