धरमजयगढ़: DAV स्कूल में जागरूकता अभियान, छात्रों को साइबर सुरक्षा व महिला सुरक्षा की जानकारी

🔷धरमजयगढ़: DAV स्कूल में जागरूकता अभियान, छात्रों को साइबर सुरक्षा व महिला सुरक्षा की जानकारी

धरमजयगढ़ स्थित DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में आज एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम, ट्रैफिक नियम, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को सुरक्षित, सतर्क और जागरूक बनाना रहा, ताकि वे किसी भी असुरक्षित स्थिति को पहचानकर समय रहते उचित कदम उठा सकें।

कार्यक्रम के दौरान महिला ASI मंजू मिश्रा, जो पूर्व में महिला सेल प्रभारी रह चुकी हैं, एवं आरक्षक सोनम उरांव द्वारा विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया गया कि वे अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों की पहचान कैसे करें और बिना डर के पुलिस या हेल्पलाइन की सहायता कैसे प्राप्त करें।

साथ ही शिक्षकों को “अभिव्यक्ति ऐप” की विस्तृत जानकारी दी गई और सभी को यह ऐप डाउनलोड भी कराया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति या शिकायत को तुरंत डिजिटल माध्यम से दर्ज कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा SDOP सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में निरीक्षक सीताराम ध्रुव के नेतृत्व में उनका सहयोग का भी विशेष योगदान रहा।

इस अवसर पर लगभग 100 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने सवाल भी रखे और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप कुमार पटेल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इससे उनमें आत्मविश्वास एवं सामाजिक समझ विकसित होती है।

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।बताया गया कि पूर्व में महिला सेल प्रभारी रह चुकी ASI मंजू मिश्रा अब तक लगभग एक लाख से अधिक लोगों को विभिन्न जागरूकता अभियानों के माध्यम से जागरूक कर चुकी हैं, जिससे समाज में सुरक्षा और सतर्कता का संदेश लगातार मजबूत हो रहा है।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में डिजिटल सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता और आत्मरक्षा की भावना विकसित करने की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय पहल साबित हुआ।

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