संविधान दिवस का महत्व और समारोह
हर वर्ष 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाता है। इस दिन 1949 में भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था, और 1950 में यह लागू हुआ। संविधान हमारे देश की संविधानिक व्यवस्था, अधिकारों और कर्तव्यों का आधार है।
आज के समारोह में नायब तहसीलदार काजल अग्रवाल, CEO पवन पटेल, जनपद उपाध्यक्ष डॉक्टर हितेश गवेल राजस्व विभाग,BDC सदस्य और तहसील/जनपद के सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सभी ने मिलकर संविधान के आदर्शों का सम्मान किया और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लिया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य:
संविधान के महत्व को समझाना।
नागरिकों में न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्य जागरूक करना।
सभी सरकारी और स्थानीय कर्मचारियों के बीच संविधान के प्रति निष्ठा और सम्मान बढ़ाना।
प्रस्ताव वचन और शपथ:
इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने मिलकर संविधान की शपथ ली। शपथ में यह संकल्प लिया गया कि वे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन ईमानदारी, निष्ठा और समाज की भलाई के लिए करेंगे।
संविधान दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारा लोकतंत्र और देश की प्रगति संविधान के पालन पर निर्भर करती है। इस दिन हम सभी एकजुट होकर अपने देश और समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लेते हैं।
निष्कर्ष:
संविधान दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों की याद दिलाने का अवसर है। हमें इसे समझकर और अपने जीवन में अपनाकर ही संविधान की सच्ची महत्ता को सम्मान देना चाहिए।














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