खरसिया: स्कूलों के आसपास नशे का खतरा, सुबह मिली शराब की बोतल — बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, पेट्रोलिंग बढ़ाने की माँग
खरसिया।सुबह-सुबह शहर के एक स्कूल के सामने शराब की खाली बोतल मिली। यह वही इलाक़ा है जहां बच्चों की लाइनें लगती हैं, माता-पिता रोज़ आते-जाते हैं लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग शाम ढलते ही इसे अपनी ‘महफ़िल’ की जगह बना लेते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे वाले स्कूल के आसपास अक्सर संदिग्ध गतिविधियाँ देखी जाती हैं। शराब, नशे के इंजेक्शन और अन्य खतरनाक आदतों का चलन बढ़ता दिख रहा है। यह इलाक़ा बच्चों की पढ़ाई का केंद्र है, और ऐसे माहौल में उनकी सुरक्षा और मानसिक वातावरण दोनों पर असर पड़ना तय है।
हालाँकि खरसिया पुलिस की गश्त जारी रहती है, लेकिन हाल की घटनाएँ बताती हैं कि स्कूल ज़ोन को विशेष “सेंसिटिव पॉइंट” मानकर रूट पेट्रोलिंग और शाम की निगरानी बढ़ाना बेहद जरूरी है।
स्थानीय पेट्रोल पंप कर्मचारियों का भी कहना है कि अज्ञात असामाजिक तत्व आकर जबरदस्ती पेट्रोल लेते है और गालियां भी देते है हमारे द्वारा पूछने पर आप लोगो ने रिपोर्ट क्यों नहीं की तो कर्मचारी का कहना था दीदी ये लोग कुछ भी कर सकते है डर लगता है जाने दीजिए। सोचिए इस तरह का डर जो अपराधियों में होना चाहिए वो आम जनता में क्यों है ??
शहर की जनता का सिर्फ इतना कहना है—”हम किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे, बस बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इन इलाकों में थोड़ी और कड़ाई और नियमित पेट्रोलिंग होनी चाहिए।”बच्चों के स्कूल जाने वाले रास्तों पर अगर माहौल साफ-सुथरा रहेगा, तो शहर का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।




















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