धान खरीदी के महापर्व में किसानों के खातों में धनवर्षा शुरू, रायगढ़ में पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

धान खरीदी के महापर्व में किसानों के खातों में धनवर्षा शुरू, रायगढ़ में पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके 2,882 किसानों को अब तक 36 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान, ग्रामीण इलाकों में खुशी की लहर

सतत कार्रवाई से कोचियों–बिचौलियों पर नकेल, खरीदी व्यवस्था और अधिक सुरक्षित,किसानों ने जताया संतोष

टोकन तूहर द्वार ऐप से घर बैठे मिल रहा टोकन, उपार्जन केंद्रों में बारदाना और सुविधाएँ पूरी, धान की आवक में तेजी

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की सतर्क मॉनिटरिंग से खरीदी प्रक्रिया सुचारू, त्वरित और किसानहितैषी

*रायगढ़, 29 नवम्बर 2025। रायगढ़ जिले में इस वर्ष धान खरीदी का महापर्व किसानों के लिए खुशहाली और धनवर्षा लेकर आया है। जैसे-जैसे खेतों में धान की कटाई तेजी पकड़ रही है, वैसे-वैसे उपार्जन केंद्रों में धान की आवक भी लगातार बढ़ रही है। समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके किसानों के खातों में राशि सीधे हस्तांतरित की जा रही है,जिससे ग्रामीण अंचलों में राहत, प्रसन्नता और आर्थिक मजबूती का वातावरण बना हुआ है। रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके 2,882 किसानों को अब तक 36 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान हो चुका है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।धान बेचने की प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं, वहीं राज्य शासन द्वारा उपलब्ध टोकन तूहर द्वार ऐप ने किसानों को घर बैठे ही आसानी से टोकन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की है। उपार्जन केंद्रों में बारदाना भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था और उपार्जन केंद्रों की बेहतर सुविधाओं ने किसानों के चेहरों पर संतोष और भरोसे की चमक भर दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रशासन द्वारा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों पर साफ दिखाई दे रहा है।

*किसानों ने की प्रशासन की पहल की सराहना*

जिले के किसान रमेश साव ने बताया कि कोचियों और बिचौलियों पर कार्रवाई के कारण किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि“अवैध धान भंडारण और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करना प्रशासन का सराहनीय कदम है। इससे हम जैसे वास्तविक किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और धान बेचने की प्रक्रिया बिल्कुल सहज हो गई है।

किसान देव लाल पटेल ने बताया कि उपार्जन केंद्रों में पेयजल, छाया, काटा-बांट, बैठने की व्यवस्था तथा पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होने से हमें धान बेचने में बिल्कुल परेशानी नहीं आती। पूरी व्यवस्था किसानों के अनुकूल बनाई गई है।

किसान जय चौधरी ने बताया कि धान खरीदी के सभी चरणों में टोकन जारी होने से लेकर तुलाई और विक्रयतक की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कड़ी मॉनिटरिंग से धान खरीदी में पारदर्शिता आई है। भुगतान भी समय पर मिल रहा है। किसान हित में जिला प्रशासन की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि त्वरित भुगतान से किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है।

बता दे कि जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी के बाद राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित हो रही है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर कोचियों एवं बिचौलियों की गतिविधि बर्दाश्त न की जाए। धान खरीदी प्रक्रिया किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और त्वरित हो। भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उपार्जन केंद्रों के सभी आवश्यक संसाधन पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध रहें। जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया, प्रशासनिक सतर्कता, उपार्जन केंद्रों की बेहतर व्यवस्थाएँ और त्वरित भुगतान प्रणाली से किसानों में संतोष और उत्साह का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!