रानीबोदली कैंप में शहीद दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि — वीर जवानों के अदम्य साहस को किया नमन

रानीबोदली कैंप में शहीद दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि — वीर जवानों के अदम्य साहस को किया नमन

बीजापुर, 21 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ का गौरव कहा जाने वाला रानीबोदली कैंप, जिसे पूरे प्रदेश में “आदर्श कैंप” के रूप में जाना जाता है, आज पुलिस स्मृति दिवस (शहीद दिवस) के अवसर पर वीरता, समर्पण और बलिदान की गाथाओं से गूंज उठा।वर्तमान में यहां प्रथम वाहिनी C.A.F की F कंपनी तैनात है, जिसके प्रभारी घनश्याम सिंह हैं। आज कंपनी परिसर में बने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कंपनी प्रभारी और जवानों ने शहीद स्मारक को सलामी दी, साथ ही शहीदों के चित्रों पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों, ग्राम पंचायत रानीबोदली के सरपंच, उपसरपंच तथा ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों ने भी भाग लिया। सभी ने एक साथ मिलकर शहीदों की याद में दीप प्रज्वलित किए और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम के दौरान कंपनी के जवानों द्वारा शहीद परिवारों और ग्रामीणों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। पूरे कैंप में शांति, सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त था।

रानीबोदली की धरती वीरता और शौर्य की मिसाल रही है। यहीं 15 मार्च 2007 की रात करीब 3000 नक्सलियों ने सोए हुए जवानों पर पेट्रोल बम, ग्रेनेड और गोलीबारी से हमला कर अपनी कायरता का परिचय दिया था। उस हमले में 55 वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे, जिनमें इसी गाँव के 6 जवान भी शामिल थे।

आज भी यह घटना छत्तीसगढ़ पुलिस के इतिहास में वीरता और बलिदान की गाथा के रूप में दर्ज है।आज जब कैंप में वीर शहीदों को याद किया गया, तो हर एक आँख नम और हर दिल गर्व से भरा हुआ था।

जवानों ने एक स्वर में कहा कि –> “हमारे शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, हम उनकी शौर्य गाथा को सदैव जीवित रखेंगे।”

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन एसपी जितेन्द्र यादव और सेनानी राजेश कुकरेजा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। दोनों अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में रानीबोदली कैंप ने न सिर्फ सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य किया है बल्कि ग्रामीणों के साथ सामंजस्य और मानवता की भावना का भी उदाहरण पेश किया है।

रानीबोदली कैंप आज न सिर्फ सुरक्षा का प्रतीक है बल्कि बलिदान, अनुशासन और सेवा की भावना का जीवंत उदाहरण बन चुका है। शहीद दिवस के इस अवसर पर पूरा कैंप, पूरा गाँव और पूरा जिला एक स्वर में अपने वीर सपूतों को नमन कर रहा है।

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