🔥कप्तान हो तो ऐसा : संवेदनशीलता, सख़्ती और स्पीड—जशपुर पुलिस ने झारखंड से नाबालिक को सुरक्षित दस्तयाब कर आरोपी को भेजा जेल
जशपुर।जब बात नाबालिक बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा की हो, तब पुलिस की एक-एक मिनट की अहमियत होती है। जशपुर पुलिस ने यही साबित कर दिखाया है कि कप्तान हो तो ऐसा—जहाँ संवेदनशीलता भी हो, सख़्ती भी और कार्रवाई में ज़रा भी देरी न हो।
थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत एक 15 वर्षीय नाबालिक बालिका के गुम होने की सूचना मिलते ही जशपुर पुलिस हरकत में आ गई। मामला बेहद संवेदनशील था, इसलिए बिना समय गंवाए ऑपरेशन मुस्कान के तहत विशेष टीम गठित कर त्वरित जांच शुरू की गई।
सूचना के चंद घंटों में झारखंड तक पहुँची पुलिस
दिनांक 25 दिसंबर को पिता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने परिजनों के सहयोग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पता चला कि नाबालिक बालिका को शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी अशोक यादव उसे लेकर झारखंड के सिमडेगा जिले में अपने गृह ग्राम में छिपा कर बैठा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के स्पष्ट और सख़्त निर्देशों पर पुलिस टीम तत्काल झारखंड रवाना हुई। बिना किसी दबाव या बहाने के, पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देकर नाबालिक बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया और आरोपी को हिरासत में लेकर जशपुर वापस लाया।
पूछताछ में हुआ गंभीर खुलासा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अशोक यादव ने शादी का झांसा देकर नाबालिक बालिका को अपने प्रेम जाल में फँसाया। मोटर सायकल से उसे पहले ओडिशा, फिर ट्रेन के माध्यम से केरल ले जाया गया। इस दौरान आरोपी ने नाबालिक बालिका के साथ दैहिक शोषण भी किया।बालिका के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में बीएनएस की धाराओं के साथ 4 व 6 पॉस्को एक्ट की गंभीर धाराएँ जोड़ीं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सबूत भी जब्त, पीड़िता परिजनों के सुपुर्द
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटर सायकल और मोबाइल फोन भी जब्त किए। नाबालिक बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उसे सुरक्षित रूप से परिजनों के सुपुर्द किया गया।
टीमवर्क की मिसाल बनी दुलदुला पुलिस
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक भरत साहू, महिला आरक्षक सपना इन्दवार एवं नगर सैनिक दुर्गा प्रसाद की भूमिका सराहनीय रही।टीमवर्क, समर्पण और संवेदनशीलता ने इस अभियान को सफल बनाया।
SSP का सख़्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जशपुर पुलिस पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ ऐसे मामलों में कार्रवाई करती रहेगी।
जशपुर पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक संदेश है—कप्तान हो तो ऐसा, जो अपराधियों में डर और जनता में भरोसा पैदा करे।













RAVI KHAVSE
मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
नाम – रवि खवसे
शहर – मुलताई
जिला – बैतूल
राज्य – मध्यप्रदेश