सीमा पार की तैयारी… पर रास्ते में बजा ‘शंखनाद’
लैलूंगा पुलिस ने 10 गौवंश को तस्करी से छुड़ाया, आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 3 मार्च 2026।रात की खामोशी में जब 10 बेबस गौवंश को मारते-पीटते हुए उड़ीसा की ओर हांका जा रहा था, तभी लैलूंगा पुलिस ने “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत ऐसा घेरा डाला कि तस्करी की पूरी साजिश वहीं थम गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत थाना लैलूंगा की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि घरघोड़ा की ओर से छाम, रेगड़ी, कुंजारा मार्ग होते हुए गौवंश को अवैध रूप से उड़ीसा ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल नाकेबंदी की।ग्राम कुंजारा के पास एक व्यक्ति 10 बैलों को मुख्य मार्ग पर हांकते हुए मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम श्याम सिदार (44 वर्ष), निवासी फरसाबहार, जिला जशपुर बताया। जब परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।जांच में पाया गया कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 के अंतर्गत अपराध है। साथ ही पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धाराएं भी विस्तारित की गईं। आरोपी के कब्जे से 10 गौवंश (अनुमानित मूल्य लगभग 2 लाख रुपये) और एक लकड़ी का डंडा जब्त कर अपराध क्रमांक 70/2026 दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दो टूक कहा—रायगढ़ जिले में गोवंश तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ऑपरेशन शंखनाद” अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि जिले में गोवंश संरक्षण का सख्त संदेश बनता जा रहा है।

















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