
प्रथम वाहिनी छसबल भिलाई के सी-समवाय, कैम्प-तारलागुड़ा में जवानों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्सवों का आयोजन
प्रथम वाहिनी छसबल भिलाई के सी-समवाय, कैम्प-तारलागुड़ा (बीजापुर) में स्थित, जो कि एक घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, वहाँ पर जवानों के मानसिक तनाव और अवसाद को दूर करने के लिए कई प्रयास किए जाते हैं। इस उद्देश्य से श्रीमान सेनानी महोदय श्री राजेश कुकरेजा (भा.पु.से) और कम्पनी कमाण्डर श्री घनश्याम सिंह के मार्गदर्शन में कम्पनी के जवानों के मनोरंजन और मानसिक शांति को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय अपनाए जाते हैं।
कम्पनी के जवानों के मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए, उनके तनाव और अकेलेपन को दूर करने के लिए हर शाम खेल कूद गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों में जवानों को शारीरिक व्यायाम, टीम बिल्डिंग गेम्स और अन्य खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्रकार के आयोजनों से जवानों के भीतर सहयोग, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन को बढ़ावा मिलता है, जिससे वे अपनी कठिन ड्यूटी को बेहतर तरीके से अंजाम दे पाते हैं। इसके अलावा, कैम्प के मंदिर परिसर में हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालिसा का पाठ और भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है। यह धार्मिक अनुष्ठान जवानों के मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
सप्ताह के शेष दिनों में, भगवान शंकर जी के मंदिर में पूजा अर्चना की जाती है और भक्ति गीतों का गायन किया जाता है। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य जवानों को उनके कठिन वातावरण में मानसिक राहत देना और उनके आत्मबल को मजबूत करना है। धार्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जवानों के दिलों में एकता और शांति का संचार होता है, जो उनके कार्यक्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
इसी क्रम में, कम्पनी कमाण्डर श्री घनश्याम सिंह के निर्देशानुसार, आर0 489 दुलेश कमार का जन्मदिन पूरे कैम्प द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कम्पनी के समस्त अधिकारी और कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित हुए। जन्मदिन के आयोजन में, सबसे पहले, कैम्प के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई, और इसके बाद भक्ति गीतों का गायन हुआ। इस भक्ति संगीत के दौरान जवानों में एक अत्यधिक उत्साह और शांति का वातावरण देखा गया। इसके बाद, पूरे कैम्प के जवानों ने मिलकर केक काटा और जन्मदिन की खुशियाँ मनाईं।
श्री राजेश कुकरेजा (भा.पु.से) और श्री घनश्याम सिंह ने दुलेश कमार को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कैम्प के समस्त अधिकारी और कर्मचारी ने भी उन्हें बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन न केवल जवानों के बीच भाईचारे और एकता को बढ़ावा देने का अवसर था, बल्कि यह भी एक प्रतीक था कि चाहे स्थिति कैसी भी हो, जवानों के मनोबल को बनाए रखना और उनके बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना बहुत महत्वपूर्ण है।
इन सभी आयोजनों और उपायों से जवानों में न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ, बल्कि उनके भीतर एकता और सहयोग की भावना भी प्रगाढ़ हुई। यह कदम कम्पनी की कार्यक्षमता और जवानों की संतुष्टि को भी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।













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