सूरजपुर में रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार — नामांतरण के नाम पर 25 हजार की मांग, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी का नाम सौरभ गोस्वामी है, जो ग्राम सेन्धोपारा, तहसील प्रतापपुर, जिला सूरजपुर में पदस्थ है।
मामले की शुरुआत ग्राम मरहटा निवासी रूप सिंह की शिकायत से हुई। रूप सिंह ने ACB अंबिकापुर में लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि उनकी और उनकी बहन के नाम की भूमि, जो ग्राम सेन्धोपारा में स्थित है, उसे महामाया कोयला खदान जरही द्वारा अधिग्रहित किया गया है।
शिकायत के मुताबिक, उक्त भूमि के नामांतरण (म्यूटेशन) और खदान से संबंधित नौकरी प्रक्रिया के लिए आवश्यक पटवारी प्रतिवेदन तैयार करने के बदले आरोपी पटवारी सौरभ गोस्वामी द्वारा 25,000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी।प्रार्थी रूप सिंह रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि उसने आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाने का फैसला किया।
शिकायत मिलने के बाद ACB अंबिकापुर की टीम ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।इसके बाद दिनांक 22 अप्रैल 2026 को ACB ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप प्लान किया। तय योजना के अनुसार जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी पटवारी को 25,000 रुपए की रिश्वत दी, ACB टीम ने मौके पर ही दबिश देकर सौरभ गोस्वामी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है।













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