आधी रात बॉर्डर पर सख्ती: नवाटोला चेकपोस्ट पहुंचकर डीआईजी/एसएसपी ने परखी चौकसी, थाने में दिखी ढिलाई पर जताई नाराजगी

आधी रात बॉर्डर पर सख्ती: नवाटोला चेकपोस्ट पहुंचकर डीआईजी/एसएसपी ने परखी चौकसी, थाने में दिखी ढिलाई पर जताई नाराजगी

सूरजपुर। छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश अंतर्राज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के उद्देश्य से डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने 17-18 अप्रैल की दरम्यानी रात नवाटोला चेकपोस्ट का औचक निरीक्षण किया। देर रात पहुंचे अधिकारी ने मौके पर तैनात पुलिस जवानों की सतर्कता को परखा, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें लगातार अलर्ट रहने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बॉर्डर पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों की गहन जांच सुनिश्चित की जाए ताकि अपराधियों की आवाजाही पर रोक लग सके। उन्होंने खास तौर पर अवैध नशीले पदार्थ, शराब और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, वारदात के बाद सीमा पार भागने वाले अपराधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का मनोबल भी बढ़ाया गया। निरीक्षण के समय एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी भी मौजूद रहे।थाना चांदनी में सिस्टम और रिकॉर्ड की जांचनवाटोला चेकपोस्ट के बाद डीआईजी/एसएसपी ने थाना चांदनी का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां अभिलेखों, मालखाना, हवालात और सीसीटीएनएस सिस्टम की स्थिति की बारीकी से जांच की गई।

थाना प्रभारी को पड़ोसी राज्य की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अंतरराज्यीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

लंबित मामलों पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान अपराध निकाल, शिकायतों की जांच, वारंट और समन की तामील की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर एसएसपी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, समंस-वारंट की समय पर तामील और रात्रि गश्त व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखने, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने और महिला, बाल अपराध व साइबर ठगी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ड्यूटी में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

जवानों से संवाद, समस्याओं के समाधान का आश्वासन

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने चेकपोस्ट और थाना में तैनात जवानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बैरक, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली और जवानों की समस्याओं को सुनते हुए उनके जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।

इस औचक निरीक्षण से साफ संकेत मिला है कि सीमावर्ती इलाकों में पुलिस अब और ज्यादा सतर्क मोड में है, जहां अनुशासन, समयपालन और संवेदनशीलता के साथ काम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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