रायगढ़ | 03 जनवरी 2025रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएचपी चौक, लिब्रा में घटित घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। ड्यूटी पर तैनात एक महिला आरक्षक के साथ जिस प्रकार की बर्बरता, बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार किया गया, वह केवल एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, बल्कि कानून, नारी सम्मान और संवैधानिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार था।धरना-प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ द्वारा महिला आरक्षक को घेरकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला, कपड़े फाड़ने, अभद्र और अश्लील टिप्पणियां, तथा लूटपाट जैसी घिनौनी हरकतों को अंजाम दिया गया। यह घटना जितनी शर्मनाक है, उतनी ही समाज के लिए चेतावनी भी है कि हिंसा और अराजकता को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन और पुलिस की सख़्त कार्रवाई—पीड़िता के साथ खड़ा है सिस्टम घटना के बाद रायगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोरता का परिचय देते हुए तत्काल कार्रवाई की। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (निवासी ग्राम आमगांव) एवं वनमाली राठिया (निवासी ग्राम झरना) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध थाना तमनार में अपराध क्रमांक 309/25 दर्ज करते हुए भा.न्या.सं. की गंभीर धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
घटना की पृष्ठभूमि पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान से संबंधित जनसुनवाई 08 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। इसके विरोध में प्रभावित गांवों के कुछ लोगों द्वारा 12 दिसंबर से सीएचपी चौक, लिब्रा में आर्थिक नाकेबंदी कर दी गई थी, जिससे आमजन का आवागमन बाधित हो गया।27 दिसंबर 2025 को जब पुलिस-प्रशासन द्वारा मार्ग बहाल करने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही थी, उसी दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस बल पर हमला कर दिया गया। इस हमले में कई जवान घायल हुए, वहीं महिला आरक्षक के साथ की गई अमर्यादित घटना ने पूरे तंत्र को झकझोर दिया।
पीड़िता के सम्मान और न्याय के लिए हर कदम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षक के साथ हुई घटना के हर एक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हर दोषी को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
प्रशासन का साफ संदेश है—“ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
पीड़िता को भरोसा, समाज को संदेश इस सख़्त कार्रवाई से न केवल पीड़िता को यह भरोसा मिला है कि वह अकेली नहीं है, बल्कि समाज को भी यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून हाथ में लेने वालों के लिए कोई जगह नहीं।यह कार्रवाई उस हर महिला के लिए भी संबल है जो कर्तव्य निभाते हुए चुनौतियों का सामना करती है।रायगढ़ पुलिस की यह कार्यवाही न्याय, सम्मान और सुरक्षा के पक्ष में एक मजबूत कदम है—जहां पीड़िता का सम्मान सर्वोपरि है और अपराधियों के लिए केवल सख़्त सज़ा।













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