मजबूत विवेचना की बड़ी जीत: खरसिया हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद, तत्कालीन टीआई नंद किशोर गौतम की जांच बनी अहम कड़ी

खरसिया Murder Case Verdict: Strong Investigation by Then TI Nand Kishore Gautam Secures Life Imprisonment for Two Accused

Property Dispute Turned Bloody: Two Grandsons Convicted for Murder of 62-Year-Old Grandfather, Court Awards Life Sentence

रायगढ़ | 6 अगस्त 2026। रायगढ़ पुलिस की Strong Investigation, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन का एक और बड़ा परिणाम सामने आया है। खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है।

यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत साक्ष्य किसी भी गंभीर अपराध में दोषियों को सजा दिलाने की सबसे बड़ी कड़ी होते हैं।

इस पूरे मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम (वर्तमान निरीक्षक, जिला राजनांदगांव) द्वारा की गई Professional Investigation और साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार प्रदान किया, जिसके चलते दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली।

न्यायालय का फैसला दिनांक 01 अगस्त 2026 को माननीय श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव, अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया (जिला रायगढ़) ने सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 (छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध ओमप्रकाश डनसेना एवं अन्य) में फैसला सुनाते हुए थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में आरोपी ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू एवं कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 एवं 449 के तहत दोषी ठहराया और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

मामला पुलिस विवेचना के अनुसार ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62 वर्ष) का अपने पुश्तैनी मकान एवं जमीन को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। उन्होंने अपनी बहन को रहने के लिए घर में स्थान दिया था, जहां उसके दोनों बेटे ओमप्रकाश डनसेना और कार्तिक डनसेना भी रहते थे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण और संपत्ति पर अधिकार को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। 25 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसकी रिपोर्ट थाना खरसिया में दर्ज हुई अगले ही दिन 26 दिसंबर 2022 को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों आरोपी अपने ही 62 वर्षीय नाना गेंदलाल डनसेना पर हमला करने दौड़े। जान बचाने के लिए वृद्ध कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया और टंगिया, फावड़ा एवं डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।

तत्कालीन TI नंद किशोर गौतम की विवेचना बनी केस की सबसे मजबूत कड़ी घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर Scientific Evidence Collection पर विशेष जोर दिया।

इसी दौरान चौकी प्रभारी जोबी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर भी पुलिस टीम के साथ कार्रवाई में शामिल रहे। मौके से ही आरोपी कार्तिक डनसेना को हिरासत में ले लिया गया, जबकि फरार आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन मुखबिर की सूचना पर नावापारा रोड से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टंगिया, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर तथा घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए।

तत्कालीन टीआई नंद किशोर गौतम ने मामले में प्रत्येक भौतिक एवं मौखिक साक्ष्य को विधिवत संकलित कर मजबूत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। यही सुदृढ़ विवेचना आगे चलकर दोषसिद्धि का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनी

साक्ष्यों की पेशी भी रही अहम वर्तमान एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर द्वारा न्यायालय में साक्ष्यों और गवाहों की समयबद्ध एवं प्रभावी पेशी सुनिश्चित कराई गई। मजबूत पुलिस विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए Life Imprisonment की सजा सुनाई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को कठोर दंड दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Scientific Investigation, मजबूत साक्ष्य संकलन और अभियोजन के बेहतर समन्वय के कारण लगातार गंभीर मामलों में दोषियों को न्यायालय से कड़ी सजा मिल रही है। यह फैसला समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में कानून का भय दोनों को मजबूत करेगा।

Case Highlights

◆ केस: खरसिया बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड

◆ मृतक: गेंदलाल डनसेना (62 वर्ष)

◆ आरोपी: ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू एवं कार्तिक डनसेना

◆ अपराध: मकान एवं जमीन विवाद में हत्या

◆ विवेचना: तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम (वर्तमान निरीक्षक, जिला राजनांदगांव)

◆ कार्रवाई में शामिल: एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर (चौकी प्रभारी, जोबी)

◆ निर्णय: दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास

◆ विशेष: मजबूत विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रभावी अभियोजन से मिली दोषसिद्धि।

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