सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल में शान से लहराया तिरंगा, अमन और भाईचारे का दिया संदेश

सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल में शान से लहराया तिरंगा, अमन और भाईचारे का दिया संदेश

रायगढ़। 15 अगस्त यौमे आज़ादी के मुबारक मौके पर सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल में देशभक्ति, अमन, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। मस्जिद परिसर में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल के इमाम रक़ीबुद्दीन साहब ने सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराया। इस दौरान मस्जिद के सदर वसीम खान सहित मस्जिद से जुड़े लोगों, बच्चों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही।

सदर वसीम खान ने यौमे आज़ादी के मौके पर जिले एवं प्रदेशवासियों को दिली मुबारकबाद देते हुए कहा कि आज़ादी सिर्फ जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि यह याद करने का दिन है कि हमारा देश अलग-अलग मजहब, भाषा और संस्कृति के लोगों की साझी विरासत है।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की खूबसूरती ही इसकी अनेकता में एकता है। मंदिर हो या मस्जिद, गुरुद्वारा हो या चर्च—हर जगह से उठने वाली दुआ और प्रार्थना हमारे देश की खुशहाली के लिए होनी चाहिए। मजहब इंसान को जोड़ने और इंसानियत सिखाने का रास्ता है, जबकि हिंदुस्तान हम सभी का साझा घर है।

उन्होंने कहा कि नफरत और विवाद से किसी का भला नहीं होता। आने वाली पीढ़ी को ऐसा हिंदुस्तान देना है, जहां बच्चे एक-दूसरे को धर्म के नाम से नहीं, बल्कि इंसान और अपने देशवासी के रूप में पहचानें। तिरंगा किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी की शान और पहचान है।

बच्चों के चेहरों पर दिखी आज़ादी की खुशी

तिरंगा फहराने के बाद कार्यक्रम में शामिल बच्चों के बीच चॉकलेट और मिठाई का वितरण किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ आज़ादी का पर्व मनाया। इस दौरान उन्हें देश की आज़ादी, तिरंगे की अहमियत और राष्ट्र के प्रति सम्मान के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम में बच्चों को यह संदेश दिया गया कि देश की असली ताकत तभी मजबूत होगी, जब हम एक-दूसरे के त्योहारों, भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर आगे बढ़ेंगे।

मुल्क की सलामती और अमन-चैन के लिए हुई खास दुआ

कार्यक्रम के अंत में हिंदुस्तान की सलामती, अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए खास दुआ की गई। देश को हर परेशानी और मुसीबत से महफूज़ रखने, सभी नागरिकों के बीच मोहब्बत और भाईचारा कायम रखने तथा देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने की दुआ मांगी गई।

मौजूद लोगों ने तिरंगे को सलामी देते हुए देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, इंसानियत और भाईचारे का खुशनुमा माहौल देखने को मिला।

एक संदेश—मजहब अलग हो सकते हैं, मुल्क नहीं

सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल की ओर से यौमे आज़ादी के मौके पर सभी देशवासियों को दिली मुबारकबाद दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई—हमारी पहचान अलग हो सकती है, लेकिन तिरंगे के नीचे हम सब एक हैं।

नफरत की दीवारें नहीं, मोहब्बत के रिश्ते मजबूत हों—यही आज़ाद हिंदुस्तान की असली तस्वीर है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ईश मोहम्मद, मोहम्मद सत्तार अंसारी, शेख जुम्मन, हाजी मुबीन, मंजूर आलम, नौसाद आलम, इदरीस हसन, गुलज़ार अहमद, असरफ खान, इमरान खान, सब्बीर खान, फिरोज आलम, सलीम खान सहित मस्जिद के नमाज़ी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जय हिंद 🇮🇳

जारीकर्ता:
वसीम खान
सदर — सुन्नी मक्का मस्जिद जुटमिल

NKB National News प्रस्तुत करता है

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