“स्पीड स्टंटबाजों का आतंक: आम वाहन चालकों की सुरक्षा पर खतरा”
खरसिया शहर की सड़कों पर इन दिनों कुछ युवकों की तेज रफ्तार और स्टंटबाजी आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। साइलेंसर निकालकर तेज आवाज के साथ बाइक दौड़ाना, अचानक कट मारना और सड़क पर स्टंट करना अब रोजमर्रा का दृश्य बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार ये युवक पुलिस चौकी के सामने से भी तेज रफ्तार में निकल जाते हैं। हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन स्टंटबाजी की घटनाएं थमती नजर नहीं आ रहीं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन लापरवाह हरकतों का खामियाजा उन लोगों को भी भुगतना पड़ता है जो नियमों का पालन करते हुए सावधानी से वाहन चलाते हैं। कई दुर्घटनाएं ऐसे ही तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होती हैं, जिसमें निर्दोष लोग घायल हो जाते हैं।महिलाएं और स्कूली बच्चियां भी इन तेज आवाज और अचानक स्टंट से डर के माहौल में वाहन चलाने को मजबूर हैं। सड़क पर असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
नाबालिग बच्चों को वाहन देना कानूनन अपराध है, लेकिन कई मामलों में अभिभावकों की लापरवाही भी सामने आती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।क्योंकि सड़क पर रफ्तार का रोमांच कुछ सेकंड का होता है, लेकिन एक हादसा पूरी जिंदगी बदल सकता है।















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