💥 खरसिया जैन मंदिर चोरी का खुलासा: त्रिनाथ त्रिपाठी की टीम ने दो पुराने चोरों को धर-दबोचा! 🚨
रायगढ़, 07 मार्च 2026: खरसिया क्षेत्र में कॉन्वेंट स्कूल के पास स्थित सामाजिक श्वेतांबर जैन मंदिर की दानपेटी से चोरी करने वाले दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मंदिर के प्रार्थी राजेन्द्र मेहता पिता स्व. रमणिक लाल मेहता, उम्र 64 वर्ष, निवासी सराफा लाइन, वार्ड नं. 11, खरसिया ने 06 मार्च 2026 को पुलिस चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सुबह पूजा करने पहुंचे तो मंदिर का ताला टूटा हुआ और दानपेटी का ताला खुला मिला। दानपेटी में रखे लगभग ₹5–6 हजार रुपए चोरी हो गए थे।मामले में अपराध क्रमांक 93/2026, धारा 331(4), 305(ए) भारतीय दंड संहिता के तहत मामला पंजीकृत किया गया।
चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत जांच शुरू की। टीम में शामिल थे प्रधान आरक्षक मनोज मरावी, जिन्होंने पूछताछ और गिरफ्तारी में सक्रिय भूमिका निभाई, आरक्षक साविल चंद्रा, जिन्होंने चोरी के सबूत बरामद किए और स्थल निरीक्षण किया, आरक्षक मुकेश यादव, जिन्होंने हिरासत और दस्तावेज तैयार करने में मदद की, साथ ही स्थानीय सहायक पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल की सुरक्षा और पूछताछ में सहयोग किया।
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर चोरी के पुराने संदेहियों देव उर्फ देवा श्रीवास, जो हाल ही में जेल से जमानत पर आया था, और उसके साथी मोनू चौहान को हिरासत में लिया। दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार की। पुलिस ने देव श्रीवास के कब्जे से ₹900 और चोरी में प्रयुक्त छोटा लोहे का रॉड, जबकि मोनू चौहान के कब्जे से ₹900 जब्त किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
इस पूरे मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश दिया: “धार्मिक स्थलों में चोरी या इस प्रकार के अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नकबजनी और चोरी पर पुलिस की निगाह लगातार बनी रहेगी। ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी और उनकी टीम (प्रधान आरक्षक मनोज मरावी, आरक्षक साविल चंद्रा, आरक्षक मुकेश यादव और पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही, जिन्होंने त्वरित और सटीक कार्रवाई कर चोरी की वारदात को निष्प्रभावी बनाया।













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