रायपुर केंद्रीय जेल “निश्चय अभियान” में संगीत का धमाका

रायपुर केंद्रीय जेल – “निश्चय अभियान” में संगीत का धमाका

बंदियों के लिए संगीत का जादू – “निश्चय अभियान” के तहत केंद्रीय जेल में विशेष सांगीतिक कार्यक्रम

रायपुर। बंदियों के मानसिक, शारीरिक और नैतिक सशक्तिकरण के लिए केंद्रीय जेल में आयोजित हुआ “निश्चय अभियान” का विशेष सांगीतिक कार्यक्रम, जो छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का मार्गदर्शन जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता (भा.पु.से.) ने किया।इस अनोखे और प्रेरक कार्यक्रम में कलाकारों ने हार्मोनिका, बांसुरी, मेलोडिका और व्हिस्लिग जैसे श्वास आधारित वाद्य यंत्रों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी। देशभक्ति और प्रेरक गीतों की मधुर धुनों ने बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र प्रेम का संचार किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक चिंतन, आत्म-अनुशासन, मानसिक संतुलन और राष्ट्र प्रेम की भावना को मजबूत करना था। साथ ही उन्हें संगीत के व्यावहारिक लाभ और जीवन में इसके महत्व से भी अवगत कराया गया।

मुख्य उद्धरण:राजीव श्रीवास्तव (संस्थापक, छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब):”संगीत मन को शांत करता है और जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता लाता है। यह बंदियों के पुनर्वास में भी अत्यंत सहायक हो सकता है।

हिमांशु गुप्ता (जेल महानिदेशक) जेल केवल दंड स्थल नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र है। ‘निश्चय अभियान’ के तहत ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम बंदियों को समाज की मुख्य धारा में पुनः स्थापित करने में मदद करते हैं।

योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक)श्वास आधारित वाद्य यंत्रों का अभ्यास अपने आप में एक योग है। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

उपस्थित सदस्य और अधिकारी:कार्यक्रम में जेल अधिकारी/कर्मचारी, छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब के संस्थापक एवं सचिव तारकेश्वर वर्मा सहित सदस्य आर.एन. गुप्ता, शिव गुप्ता, दिलीप वर्मा, नवाज खान, शैलेष मोगरे, ज्ञान कुमार सोनी, राजीवा वाघेला, रेणुका सुब्बा, डॉ. नीता शर्मा, आयाती छतवाल, सौरभ शर्मा, लालचंद साहू और आर्केस्टा ग्रुप के मंयक शर्मा, भरतभूषण सोनी, सानिध्य मिश्रा उपस्थित थे।

कार्यक्रम ने बंदियों के मन में सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन और देशभक्ति की भावना को जगाया। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने क्लब के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि श्वास आधारित वाद्य यंत्रों का नियमित अभ्यास योग की तरह है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।

समापननिश्चय अभियान” के तहत आयोजित यह पहल साबित कर रही है कि संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सुधार और सशक्तिकरण का शक्तिशाली माध्यम है। ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम बंदियों को समाज की मुख्य धारा में लौटने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हैं।

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