मोबाइल में APK फाइल डालकर खाली कराया भरोसा… साइबर ठगों का हाईटेक खेल बेनकाब
CSR फंड के नाम पर करोड़ों का साइबर खेल, रायगढ़ पुलिस ने 5 ठगों को दबोचा
डिजिटल दुनिया में भरोसा भी अब साइबर ठगों का हथियार बन चुका है। रायगढ़ में CSR फंड दिलाने का सपना दिखाकर एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को साइबर जाल में फंसाया गया और उसके एनजीओ के बैंक खाते का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन कर दिए गए। लेकिन रायगढ़ साइबर पुलिस ने इस हाईटेक ठगी के नेटवर्क को ट्रेस कर अंतरराज्यीय गैंग के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल इंदिरानगर रायगढ़ की रहने वाली एनजीओ कार्यकर्ता आयशा परवीन को दिसंबर 2025 में CSR फंड दिलाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने पहले भरोसा जीतने के लिए कंपनी से अनुदान दिलाने का झांसा दिया और संस्थान के नाम पर बैंक में कॉरपोरेट अकाउंट खुलवाया। इसके बाद महिला और उसके पति को गुवाहाटी बुलाया गया, जहां होटल में रुकवाकर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई गई और बैंक खाते की पूरी एक्सेस अपने कब्जे में ले ली गई।
करीब एक सप्ताह तक महिला को वहीं रोककर उसके खाते से कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए। बाद में जब बैंक से संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली तो मामला सामने आया। जांच में पता चला कि महिला के खाते के जरिए देशभर में साइबर फ्रॉड से जुड़े करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं और इस खाते से जुड़ी 44 साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं।
रायगढ़ साइबर थाना ने जांच के दौरान अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मितेश सोनी, विजय चंद्रा, अजय साहू, अभय यादव और सचिन चौहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए साइबर गैंग से जुड़े थे और ठगों को कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें ठगी की रकम का 5 से 15 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वे अलग-अलग राज्यों में 25 से 30 बैंक खाते साइबर गैंग को उपलब्ध करा चुके हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 6 मोबाइल और 1 लैपटॉप जब्त किया है और अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कहना है कि जिले में साइबर थाना खुलने के बाद ऐसे अपराधों की जांच में तेजी आई है और साइबर ठगों के नेटवर्क को लगातार बेनकाब किया जाएगा।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या लालच भरे ऑफर से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।













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