भ्रामक खबर का सच: 4 साल की बच्ची को जेल भेजे जाने की खबर पूर्णत: झूठ
रायगढ़, 25 मार्च:ग्राम गेजामुड़ा की एक घटना को लेकर सोशल मीडिया और कुछ वेब पोर्टल्स पर खबर वायरल हो रही थी कि 4 साल की बच्ची को जेल भेजा गया।
जिला पुलिस रायगढ़ ने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।वास्तविकता यह है कि 05 फरवरी 2026 को राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन कार्य के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली थी। इस मामले में थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 38/2026, धारा 132 और 221 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की गई। जांच में चार आरोपियों की पहचान हुई और 22 मार्च 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हुई।
इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोतरारोड़ पुलिस ने 4 वयस्क महिलाओं और 4 पुरुषों को उर्दना पुलिस लाइन लाया। यहां एसडीएम रायगढ़ ने महिलाओं को मुचलके पर छोड़ दिया।
💡 महत्वपूर्ण: इस पूरे घटनाक्रम में किसी नाबालिग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।फिर भी, 23 मार्च से कुछ वेब पोर्टल्स और इंस्टाग्राम पेज नाबालिग बच्चों की फोटो और वीडियो बिना ब्लर किए प्रसारित कर रहे हैं। यह कानून का उल्लंघन और अत्यंत आपत्तिजनक है।
पुलिस ने संबंधित प्लेटफॉर्म संचालकों को नोटिस जारी किया है।जिला पुलिस रायगढ़ सभी मीडिया प्रतिनिधियों से अपील करती है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना कोई खबर न फैलाएँ और जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करें।













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