रायगढ़… जहां हर अपराध की परतें खुलती हैं, वहां तमनार पुलिस ने फिर अपनी प्रोफेशनल सूझबूझ और वैज्ञानिक विवेचना का जादू दिखाया ,ग्राम मिलूपारा सिदारपारा नहर पार में चौकीदार लखन उर्फ धरभईया चौधरी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
लेकिन पुलिस ने ठान लिया कि इस मामले का पर्दाफाश होगा और यह पर्दाफाश हुआ… एक चौंकाने वाली सच्चाई के साथ
शुरुआत हुई 9 मार्च की रात से
सुबह होते ही बिजली कंपनी के टावर पर चौकीदारी करने वाले लखन का शव खेत की मेड़ पर पड़ा मिला।
शव पर चोटों के गंभीर निशान और मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा यह पुलिस के लिए पहला अहम सुराग साबित हुआ।
प्रारंभिक पूछताछ में मृतक का साथी अजहर अली ने खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए मनगढ़ंत कहानी गढ़ी।
कहा कि अज्ञात 4-5 व्यक्ति आए और लखन को मारकर ले गए।
लेकिन पुलिस ने हर बयान पर ध्यान रखा और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई
सूक्ष्म विवेचना और परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों से पूछताछ के बाद…
सच सामने आया मित्र ही निकला हत्यारा
आरोपी अजहर अली ने कबूला कि विवाद के दौरान उसने लखन के साथ मारपीट की और टार्च से लगातार चेहरे पर मार कर, गला दबाकर हत्या कर दी।
साक्ष्य छिपाने के लिए खून लगे टार्च को धोया, कपड़े जला दिए और झूठी कहानी गढ़ी।
पुलिस ने आरोपी के घर से टार्च बरामद किया, और उसी टार्च के प्लास्टिक का छोटा टुकड़ा मृतक के मुंह में पाया गया।
इस वैज्ञानिक सबूत ने पूरे प्रकरण को स्पष्ट किया और आरोपी को धारा 238 बी.एन.एस. के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस अंधे कत्ल के सफल खुलासे में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी सिद्दांत तिवारी और थाना तमनार टीम निरीक्षक प्रशांत राव आहेर, सहायक उपनिरीक्षक सुरीतलाल सिदार, प्रधान आरक्षक दिलदार कुरैशी सहित अन्य पुलिसकर्मी सभी ने अहम भूमिका निभाई।
👉 एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर प्रोफेशनल इन्वेस्टिगेशन से गंभीर मामले का खुलासा किया है। पूरी टीम को उचित ईनाम दिया जाएगा
रायगढ़ में अपराध चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो… पुलिस की सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच उसे बेनकाब कर ही देती है!













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