वेदांता पावर प्लांट हादसा: उमेश पटेल ने जताया गहरा शोक, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
नंदेली/सक्ती। सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
इस दर्दनाक हादसे पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने गहरा शोक व्यक्त किया है।उमेश पटेल ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल अत्यंत दुखद है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि हादसे में घायल हुए श्रमिकों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही से उनकी जान पर खतरा न बने। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
विधायक उमेश पटेल ने इस हादसे को हृदय विदारक बताते हुए औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक रूप से विकसित हो रहे राज्य में इस तरह की बड़ी दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि कहीं न कहीं सुरक्षा नियमों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है।
यह न केवल श्रमिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पूरे औद्योगिक तंत्र पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उमेश पटेल ने प्लांट प्रबंधन की संभावित लापरवाही पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि बिना किसी देरी के एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए, जो इस हादसे के हर पहलू की गहन जांच करे।उन्होंने यह भी कहा कि यह पता लगाना बेहद आवश्यक है कि आखिर इतनी बड़ी तकनीकी चूक कैसे हुई और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी या प्रबंधन से जुड़े लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।अंत में उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना अत्यंत जरूरी है और भविष्य में किसी भी औद्योगिक संयंत्र में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।













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