
रायगढ़ जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है जहां धरमजयगढ़ ट्रैक्टर हादसे की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है मामले में अब साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने की बात सामने आई है जिसके बाद आरोपी पर धाराएं बढ़ा दी गई हैं

दरअसल 1 मई को मीडिया में धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे जिसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जांच के आदेश दिए और यह जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को सौंपी गई

जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को अम्बेटिकरा निवासी कमल सिंह मांझी ने थाना धरमजयगढ़ में सूचना दी थी कि फुलजेंस मिंज अपने ट्रैक्टर को धोने के लिए मांड नदी ले गया था जहां सहेसराम मांझी भी मौजूद था इसी दौरान ट्रैक्टर की धुलाई करते समय हाइड्रोलिक पाइप फट गया और ट्रॉली नीचे गिर गई जिसकी चपेट में आने से सहेसराम मांझी के सिर पर गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई
घटना की सूचना पुलिस को करीब 2 घंटे की देरी से दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल रंग की ट्रॉली खड़ी मिली वहीं मृतक का शव ट्रॉली के नीचे से निकालकर जमीन पर रखा गया था लेकिन जांच के दौरान जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ वो यह कि घटनास्थल पर मौजूद ट्रैक्टर असली वाहन नहीं था,साक्ष्यों और बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी चालक फुलजेंस मिंज ने घटना में शामिल लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर को मौके से हटा दिया था,और उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर खड़ा कर दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके
इसी के चलते पुलिस ने मामले में साक्ष्य छुपाने की धारा भी जोड़ दी है अब आरोपी फुलजेंस मिंज के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु कारित करने और साक्ष्य छुपाने के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 238 के साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि किसी भी घटना में साक्ष्य छुपाने या पुलिस को गुमराह करने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और ऐसे आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है… और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है













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