वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में दिए करीब ₹5 लाख करोड़, FY26 में ₹62,722 करोड़ का योगदान
टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कंपनी के कुल राजस्व का 36% सरकार के खजाने में गया
मुंबई, 26 जून 2026। देश की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन कंपनी वेदांता लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने में ₹62,722 करोड़ का योगदान दिया है। कंपनी की ओर से जारी 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के मुताबिक यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा वार्षिक योगदान है, जो कंपनी के कुल राजस्व का 36 प्रतिशत है। इसके साथ ही पिछले 10 वर्षों में वेदांता का कुल सरकारी योगदान बढ़कर ₹4,83,034 करोड़ तक पहुंच गया है, यानी करीब ₹5 लाख करोड़।
कंपनी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में सरकारी योगदान में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वेदांता का कहना है कि वह वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी कर व्यवस्था और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
इसी योगदान के दम पर वेदांता देश के सरकारी खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप-3 निजी क्षेत्र के समूहों में शामिल है।रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन का मिला लाभवित्तीय वर्ष 2025-26 वेदांता के लिए अब तक का सबसे बेहतर वित्तीय वर्ष रहा। इस दौरान कंपनी का राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर ₹1,74,075 करोड़ पहुंच गया, जो कंपनी के इतिहास का सर्वाधिक स्तर है। वहीं EBITDA 29 प्रतिशत बढ़कर ₹55,976 करोड़ और कर के बाद शुद्ध लाभ (PAT) 22 प्रतिशत बढ़कर ₹25,096 करोड़ रहा। कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत हुई और नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 1.22 गुना से घटकर 0.95 गुना पर आ गया, जो पिछले 14 तिमाहियों का सबसे बेहतर स्तर है।
इन कारोबारों ने दिया सबसे बड़ा योगदानवेदांता के विविध कारोबारों—जिंक, लेड, सिल्वर, एल्युमीनियम, कॉपर, आयरन ओर, स्टील, पावर, निकेल, क्रोम तथा ऑयल एंड गैस—में मजबूत परिचालन प्रदर्शन के चलते कंपनी की आय और सरकारी योगदान दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
व्यवसायवार योगदान में:- जिंक कारोबार – ₹19,053 करोड़- वेदांता एल्युमीनियम – ₹15,788 करोड़- वेदांता ऑयल एंड गैस – ₹11,697 करोड़इन आंकड़ों से कंपनी के प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत एवं विविध पोर्टफोलियो का पता चलता है।टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
● सरकारी रॉयल्टी एवं प्रॉफिट पेट्रोलियम – ₹14,840 करोड़इसमें राजस्थान, ओडिशा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक और असम की राज्य सरकारों को खनिज एवं हाइड्रोकार्बन उत्पादन पर दी गई रॉयल्टी तथा भारत सरकार को प्रॉफिट पेट्रोलियम शामिल है।
● आय एवं पूंजी पर कर – ₹8,290 करोड़कॉर्पोरेट आयकर सहित विभिन्न वैधानिक कर भुगतान।
● अन्य कर – ₹11,897 करोड़ इसमें एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट ड्यूटी, ऑयल सेस, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी तथा इनएलिजिबल GST शामिल है।
● अप्रत्यक्ष कर – ₹21,777 करोड़CGST, SGST और IGST सहित विभिन्न अप्रत्यक्ष करों का भुगतान।
● विदहोल्डिंग टैक्स – ₹3,188 करोड़कर्मचारियों के पेरोल और वेंडर/कॉन्ट्रैक्टर भुगतान पर स्रोत पर काटे गए कर।
● भारत सरकार को डिविडेंड – ₹1,180 करोड़हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में भारत सरकार की 27.92 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर भुगतान किया गया लाभांश।
पारदर्शी कर व्यवस्था पर कंपनी का जोर वेदांता ने कहा कि कर पारदर्शिता उसके ESG (Environmental, Social & Governance) एजेंडा का अहम हिस्सा है। कंपनी लगातार 11 वर्षों से स्वैच्छिक टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी कर रही है, ताकि हितधारकों का भरोसा मजबूत हो और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के सर्वोच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कंपनी के टैक्स सिद्धांत B-Team Responsible Tax Principles और Extractive Industries Transparency Initiative (EITI) के अनुरूप हैं।
वेदांता का कहना है कि जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में वह देश के आर्थिक विकास, पारदर्शी कर व्यवस्था और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता को आगे भी इसी तरह जारी रखेगी।

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