वेदांता पावर ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प दोहराया, 12 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य

वेदांता पावर ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प दोहराया, 12 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य

छत्तीसगढ़, 18 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वेदांता पावर लिमिटेड ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए अपनी दीर्घकालिक रणनीति को दोहराया है। कंपनी का फोकस विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, घरेलू कोयले की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता में लगातार निवेश पर है।

वेदांता पावर की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4.78 गीगावॉट है। इसमें 4.18 गीगावॉट क्षमता संचालित है, जबकि 0.6 गीगावॉट क्षमता को प्रचालन में लाने की प्रक्रिया जारी है। कंपनी की ताप विद्युत इकाइयां पंजाब, आंध्रप्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में हैं।

घरेलू कोयले पर बढ़ा फोकस कंपनी के अनुसार उसकी प्रचालन क्षमता का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा घरेलू कोयला आपूर्ति से जुड़ा है। वेदांता पावर का कहना है कि इससे ईंधन की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने और बिजली संयंत्रों के लगातार संचालन में मदद मिलती है।

कंपनी का करीब 74 प्रतिशत बिजली उत्पादन दीर्घ और मध्यम अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) से जुड़ा है। वहीं, कोयला आपूर्ति के लिए कंपनी का जुड़ाव MCL, SECL और NCL जैसी कोल इंडिया की सहायक कंपनियों से है।पंजाब के तलवंडी साबो ताप विद्युत संयंत्र को SECL और NCL से 100 प्रतिशत लिंकेज ईंधन मिलता है, जबकि ओडिशा के झारसुगुड़ा ताप विद्युत संयंत्र की 100 प्रतिशत कोयला जरूरत MCL से पूरी होती है।

आयातित कोयले पर निर्भरता घटाने की तैयारी वेदांता पावर आंध्रप्रदेश स्थित मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड में भी ईंधन व्यवस्था में बदलाव कर रही है। कंपनी आयातित कोयले पर आधारित व्यवस्था से घरेलू कोयले की ओर बढ़ रही है। इसके पीछे उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करने और अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के असर को सीमित करना है।

2047 तक विकसित भारत में योगदान का लक्ष्य वेदांता पावर के CEO एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक स्वायत्तता और दीर्घकालिक विकास की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि कंपनी घरेलू ईंधन आपूर्ति मजबूत करने, निर्बाध बिजली उत्पादन और क्षमता विस्तार के जरिए देश की ऊर्जा जरूरतों में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं, वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट के COO देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि सक्ती प्लांट में सुरक्षा और संचालन के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।2033 तक 12 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्यवेदांता पावर ने वित्तीय वर्ष 2033 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता 12 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

कंपनी का लक्ष्य देश के शीर्ष तीन ताप विद्युत उत्पादकों में शामिल होना है।इसके साथ ही कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।कंपनी का कहना है कि भारत की बिजली मांग और 24 घंटे विश्वसनीय बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ताप विद्युत के साथ-साथ स्वच्छ और आधुनिक ऊर्जा स्रोतों का संतुलित इस्तेमाल देश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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