आईजीपी राम गोपाल गर्ग ने रायगढ़ पुलिस की समीक्षा बैठक ली, बोले— प्रोफेशनल पुलिसिंग और समयबद्ध विवेचना ही सफलता की पहचान

रायगढ़, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री के रायगढ़ प्रवास कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विवेचना की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आईजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस सराहनीय कार्य कर रही है, लेकिन बदलते समय की चुनौतियों को देखते हुए पुलिसिंग को और अधिक प्रोफेशनल, तकनीक आधारित एवं परिणाममुखी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा रही है, इसलिए प्रत्येक जिले को अपने प्रदर्शन और डाटा की गुणवत्ता बेहतर करनी होगी।
90 और 60 दिनों में विवेचना पूरी करने के निर्देश आईजीपी ने निर्देश दिए कि सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में 90 दिनों के भीतर तथा अन्य सभी मामलों में एफआईआर दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार सूची तैयार कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने, सामान्य अपराधों का अधिकतम आठ दिनों में निपटारा करने तथा जटिल मामलों में एसडीओपी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण विवेचना करने के निर्देश भी दिए।

डिजिटल पुलिसिंग और ई-साक्ष्य पर विशेष जोर बैठक में ई-साक्ष्य संकलन, ऑडियो-वीडियोग्राफी, सीसीटीएनएस में समय पर प्रविष्टि, डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग तथा MedLEaPR पोर्टल के माध्यम से मेडिकल अनुरोध भेजने को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालयीन पेशियों में पुलिस कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
संपत्ति संबंधी अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश आईजीपी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में एफआईआर दर्ज करने में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। थाना प्रभारी प्रत्येक वैधानिक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करें। चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप‘ का अधिकतम उपयोग, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी, जमानत पर छूटे अपराधियों द्वारा दोबारा अपराध करने पर उनकी जमानत निरस्त कराने तथा फरार आरोपियों के विरुद्ध वारंट प्रक्रिया में विलंब नहीं करने के निर्देश भी दिए गए। एनडीपीएस मामलों की विवेचना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों एवं विवेचकों के नियमित प्रशिक्षण पर भी बल दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दिया प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा बैठक के दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आईजीपी को आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस उनके सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर, उत्तम प्रताप सिंह, सुशांतो बनर्जी, सतीश भार्गव, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

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