घरघोड़ा में पैतृक भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, कलेक्टर से 1979 से अब तक के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग
रायगढ़/घरघोड़ा। घरघोड़ा क्षेत्र में पैतृक एवं संयुक्त भूमि से जुड़े विवाद को लेकर कलेक्टर रायगढ़ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदक सरधाकर गुप्ता उर्फ सरधाराम गुप्ता ने खसरा नंबर 86 और उससे जुड़े विभाजित खसरों के संबंध में वर्ष 1979 से वर्तमान तक के राजस्व अभिलेखों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
आवेदन के मुताबिक संबंधित भूमि के अंतिम बंटवारे और सीमांकन की प्रक्रिया को लेकर विवाद लंबित है। आवेदक ने आशंका जताई है कि अंतिम स्थिति स्पष्ट होने से पहले भूमि पर निर्माण, समतलीकरण या भूमि की प्रकृति में परिवर्तन होने से विवाद और जटिल हो सकता है। इसी आधार पर जांच और अंतिम सीमांकन तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग की गई है।
आवेदन में खसरा नंबर 86 की पूरी राजस्व हिस्ट्री खंगालने की मांगआवेदक ने बताया है कि वर्ष 1979 के रिकॉर्ड में मूल खसरा नंबर 86 से संबंधित भूमि का रकबा अलग दर्ज था। इसके बाद समय-समय पर हुए बंटवारे, नामांतरण, विक्रय और अन्य हस्तांतरण के कारण वर्तमान स्थिति में बदलाव आया है। आवेदन में मूल खसरा नंबर 86 से बने सभी उप-खसरों का खसरा-वार और दस्तावेज-वार मिलान कराने की मांग की गई है।
आवेदन में 86/7, 86/33, 86/1, 86/2, 86/3, 86/4, 86/5, 86/6, 86/8, 86/10, 86/11, 86/12, 86/14, 86/15, 86/19, 86/20, 86/25, 86/31, 86/34, 86/35, 86/36, 86/37, 86/38 और 86/42 समेत संबंधित उप-खसरों में हुए भूमि हस्तांतरण की जांच की मांग की गई है।

आवेदक ने कहा है कि इन जमीनों की वर्तमान स्थिति और पूर्व राजस्व रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना आवश्यक है।
बंटवारा आवेदन और फौती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल आवेदन में हाल में प्रस्तुत 1/2 बंटवारा आवेदन के निराकरण का भी उल्लेख किया गया है। आवेदक का कहना है कि आवेदन खारिज किए जाने के पीछे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कुछ व्यक्तियों की मृत्यु का आधार बताया गया था। आवेदक ने दावा किया है कि संबंधित मृत व्यक्ति उसके पिता के परिवार से नहीं, बल्कि बड़े दादा के परिवार से संबंधित थे।इसी को लेकर आवेदन में यह जांचने की मांग की गई है कि संबंधित व्यक्तियों की मृत्यु के बाद उनके वैधानिक वारिसों के नाम फौती अथवा उत्तराधिकार संबंधी राजस्व प्रक्रिया पूरी की गई थी या नहीं। साथ ही पूर्व में हुए बंटवारे, नामांतरण और विक्रय के दस्तावेजों की भी जांच की मांग की गई है।
वर्ष 2012 के रेलवे मुआवजे का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लाने की मांग आवेदक ने वर्ष 2012 में रेलवे द्वारा ली गई भूमि से संबंधित अधिग्रहण अधिसूचना, अवार्ड, खसरा-वार रकबा, मुआवजा भुगतान और मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि किसी वास्तविक हिस्सेदार को उसके वैधानिक हिस्से का मुआवजा नहीं मिला हो, तो नियमानुसार उसका परीक्षण किया जाए।
औद्योगिक परियोजना से जुड़ी जमीन और 28 सितंबर की जनसुनवाई का मुद्दा आवेदन में दावा किया गया है कि मूल खसरा नंबर 86 से बनी कुछ भूमि BS Ispat द्वारा खरीदी गई है। आवेदक ने संबंधित भूमि के दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण कराने की मांग की है।
इसके साथ ही 28 सितंबर 2026 को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई के संदर्भ में भी कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की गई है। आवेदक ने कहा है कि भूमि स्वामित्व, लंबित बंटवारा और राजस्व अभिलेखों से जुड़े बिंदुओं को जनसुनवाई के रिकॉर्ड में लिया जाए तथा सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कराई जाए।
जांच में अनियमितता मिले तो कार्रवाई की मांग आवेदन में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अभिलेखीय अनियमितता, अनधिकृत हस्तांतरण या किसी व्यक्ति द्वारा अपने वैधानिक हिस्से से अधिक भूमि हस्तांतरित किए जाने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आवेदक ने कलेक्टर से मांग की है कि लंबित राजस्व प्रकरण के अंतिम निर्णय और सीमांकन तक संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने, निर्माण अथवा भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर अंतरिम रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
फिलहाल यह पूरा मामला आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन और उसमें की गई मांगों पर आधारित है। संबंधित राजस्व अधिकारियों, कंपनी अथवा अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।







NKB National News प्रस्तुत करता है
🌆 सिटी हलचल 🌆
अब आपकी आवाज़, आपकी खबर
अगर आपके शहर में कोई हलचल, घटना, समस्या या खास जानकारी है
तो आप उसे वीडियो या सूचना के रूप में हमें भेज सकते हैं।
📩 आपकी भेजी गई सामग्री
नियमों के अनुसार और सत्यापन के बाद
हमारे मंच पर प्रकाशित की जाएगी।
“हर शहर की खबर, अब आपकी नजर से”
NKB नेशनल न्यूज – सच्चाई के साथ


















Leave a Reply