खरसिया ठुसेकेला हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा, पड़ोसी और नाबालिग गिरफ्तार
चरित्र शंका बनी हत्या की वजह, बाड़ी के खाद गड्ढे से मिले चारों मृतकों के शव
एसपी ने खरसिया में किया कैंप, अलग-अलग टीमों को सौंपी गई जांच जिम्मेदारी
घटनास्थल पर एफएसएल, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की संयुक्त कार्यवाही
हत्या से पहले की गई घर की रेकी, साजिश का खुलासा
मेमोरेंडम पर हथियार, गैंती, फावड़ा और कपड़े बरामद
री-क्रिएशन से आरोपी ने पूरी वारदात का विवरण दिया
विशेष पुलिस टीमों ने दिखाया दमखम, आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
आईजी और एसपी ने टीम को दी शाबाशी और सख्त कार्रवाई का संदेश
रायगढ़, 13 सितंबर: रायगढ़ पुलिस ने खरसिया के ठुसेकेला में हुए निर्मम हत्याकांड का केवल 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक रायगढ़ दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में मृतक बुधराम उरांव और उनके परिवार की हत्या का कारण चरित्र शंका के रूप में सामने आया। पड़ोसी लकेश्वर पटैल और एक नाबालिग ने मिलकर पूरे परिवार की हत्या करना स्वीकार किया है।
जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला, राजीव नगर में पुलिस को सूचना मिली कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और अंदर खून के धब्बे दिख रहे हैं। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल और खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी की पुलिस टीमें, एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
जांच में बुधराम उरांव (42), उनकी पत्नी सहोद्रा (37) और दोनों बच्चे अरविंद (12) व शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि हत्या धारदार हथियार से की गई थी। इस संबंध में थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 498/2025, धारा 103(1), 238(a) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने खरसिया में कैंप लगाकर मामले की मॉनिटरिंग की और विभिन्न थानों की टीमें विशेष रूप से जांच के लिए गठित की।
जांच के दौरान पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह होने पर पूछताछ की गई। आरोपी ने हत्या की पूरी योजना स्वीकार करते हुए बताया कि वह और नाबालिग आरोपी बुधराम उरांव के घर में घुसकर उसे, उसकी पत्नी और बच्चों को मारने के बाद शवों को बाड़ी में दफन करने का प्रयास कर रहे थे। आरोपी ने कहा कि बुधराम के साथ उसके पिछले विवाद, जमीन की खरीद को लेकर असहमति और चरित्र संबंधी शंका हत्या की मुख्य वजह थी।घटना की रात (09.09.2025) आरोपी ने बुधराम को नशे में पाया और उसी रात अपने प्लान के अनुसार, आरोपी और नाबालिग ने घर में प्रवेश कर सभी का हत्या कर दी। शवों को जमीन में दफन करने का प्रयास असफल होने पर उन्होंने बाड़ी में खाद के गड्ढे में दफन करने की कोशिश की। पुलिस ने घटनास्थल पर आरोपी और नाबालिग से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया।
घटना में प्रयुक्त टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि साक्ष्य के रूप में बरामद किए गए।अभियुक्तों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस खुलासे में रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पी.एस. भगत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खरसिया राजेश जांगड़े, चौकी प्रभारी खरसिया अमित तिवारी, अन्य थानों के प्रभारी और बीडीएस, डॉग स्क्वाड, एफएसएल, फिंगरप्रिंट टीम के सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गिरफ्तार आरोपी:1. लकेश्वर पटैल, पिता बंशी लाल पटैल, उम्र 32 वर्ष, निवासी राजीवनगर, ठुसेकेला, थाना खरसिया (पूर्व में हत्या के अपराध में सजायाफ्ता)
2. नाबालिग लड़का, विधि के साथ संघर्षरत



















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