

सारंगढ़-बिलाईगढ़।ग्राम पंचायत पिकरीपाली एवं आश्रित ग्राम तेल्दुमभाठ के ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक को एक लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में कच्ची महुआ शराब, देसी एवं अंग्रेजी शराब की बिक्री खुलेआम की जा रही है, जिससे सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और कई परिवार नशे की चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि गांव के ही कुछ लोग अवैध रूप से शराब की बिक्री में संलिप्त हैं, जिसके चलते असामाजिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की वजह से गांव में झगड़े, विवाद और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।ग्रामीणों ने बताया कि इस विषय में थाना सरसीवां एवं आबकारी विभाग को पूर्व में भी सूचित किया गया था, परंतु अब तक स्थिति में सुधार नहीं दिखा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस गंभीर सामाजिक समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि गांव को नशे के प्रभाव से मुक्त किया जा सके।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नशे की लत से कई लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है।
हाल ही में ग्राम पिकरीपाली के एक 16 वर्षीय युवक महेंद्र बंजारे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जो नियमित रूप से शराब का सेवन करता था। इसके अलावा तेल्दुमभाठ निवासी घनश्याम बंजारे और गुलाब अनंत की मौत भी शराब सेवन से जुड़ी बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें की हैं —
1. अवैध शराब की बिक्री में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
2. ऐसे मामलों में संबंधित विभागों की भूमिका की समीक्षा की जाए।
3. यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामवासी आंदोलन करने पर विवश होंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कदम उठाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्वस्थ वातावरण बनाए रखा जा सके।












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