रायगढ़, 28 फरवरी 2026: जिला जेल रायगढ़ में आज सुबह प्रशासन ने सुधारात्मक और मानवीय दृष्टिकोण को सुनिश्चित करने के लिए IAS-IPS संयुक्त आकस्मिक निरीक्षण किया।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जेल परिसर का विस्तृत दौरा किया, जिसमें स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग बैरकों का भ्रमण किया और बंदियों से सीधे संवाद स्थापित किया। बंदियों ने स्वास्थ्य, कानूनी सहायता और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी अपनी समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया।जेल प्रशासन द्वारा पूर्व में आयोजित स्वास्थ्य शिविर की समीक्षा भी की गई। इस शिविर में नेत्र रोग से पीड़ित बंदियों को चश्मा प्रदान किया गया और अस्वस्थ बंदियों को फल वितरित कर स्वास्थ्य संवेदनशील पहल का परिचय दिया गया। अधिकारियों ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।बंदियों के परिजनों से भी संवाद किया गया। उन्होंने मुलाकात प्रक्रियाओं को और सहज बनाने और प्रतीक्षा समय घटाने का अनुरोध किया। इस पर प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और सुचारू बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा, “बंदियों के अधिकारों की रक्षा, सुधारात्मक वातावरण और मानवीय दृष्टिकोण ही प्रशासन की प्राथमिकता है।” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों को लगातार मजबूत करने और निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाने पर बल दिया।
निरीक्षण के अंत में जेल प्रशासन को सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक गोवर्धन सिंह सोरी और एसडीएम महेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।इस आकस्मिक निरीक्षण ने स्पष्ट कर दिया कि रायगढ़ प्रशासन सुधारात्मक दृष्टिकोण और बंदियों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को सर्वोपरि मानता है।














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