जब अपने भूल गए… तब वर्दी ने थामा हाथ एसएसपी शशि मोहन सिंह की मुलाकात से खिल उठे वृद्धाश्रम के चेहरे
रायगढ़, 06 मार्च।जिंदगी के उस पड़ाव पर, जब इंसान को सबसे ज्यादा अपनेपन और सहारे की जरूरत होती है, कई बुजुर्ग ऐसे भी हैं जो अपनों से दूर वृद्धाश्रम में दिन गुजार रहे हैं। ऐसे ही बुजुर्गों के बीच जब कोई संवेदना लेकर पहुंचे, तो वह पल उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता।
इसी मानवीय संवेदना के साथ रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह गुरुवार शाम थाना जूटमिल क्षेत्र स्थित “आशा प्रशामक देखभाल गृह” पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम में रह रहे वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनसे दिल से बातचीत की
एसएसपी के आश्रम पहुंचते ही वहां का माहौल भावुक हो उठा। आश्रम के स्टाफ और सेवा में लगे युवाओं ने उनका फूलों से स्वागत किया। वहीं बुजुर्गों ने भी उन्हें अपने बेटे की तरह स्नेह दिया। कुछ देर की इस मुलाकात ने कई बुजुर्गों के चेहरों पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान ला दी।
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि रायगढ़ की संस्था “रिहैब फाउंडेशन” द्वारा संचालित इस आश्रम की देखरेख कई वर्षों से श्रीमती जस्सी फिलिप्स कर रही हैं। यह संस्था छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त है और यहां कई बुजुर्गों की सेवा और देखभाल की जाती है।
मुलाकात के दौरान जब एक बुजुर्ग महिला का आधार कार्ड परिजनों द्वारा न दिए जाने की बात सामने आई, तो एसएसपी ने तुरंत थाना प्रभारी जूटमिल अभिनव कांत सिंह को आवश्यक कार्रवाई कर महिला को आधार कार्ड दिलाने के निर्देश दिए।
यह कदम वहां मौजूद लोगों के लिए पुलिस की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण बन गया।इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस की सीनियर सिटीजन सेल बुजुर्गों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज में कई संस्थाएं बुजुर्गों की सेवा कर रही हैं, लेकिन अपने माता-पिता और बुजुर्गों की देखभाल करना हम सभी की पहली जिम्मेदारी है
कुछ पल की इस मुलाकात ने यह संदेश जरूर दे दिया कि वर्दी सिर्फ कानून का पालन कराने के लिए ही नहीं होती, बल्कि उसमें इंसानियत और संवेदनाओं की गर्माहट भी होती है।













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