रायगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान अब ज़मीनी स्तर पर असर दिखाने लगे हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में “ऑपरेशन अंकुश” के तहत पुलिस लगातार अवैध गतिविधियों पर नकेल कस रही है।
इसी कड़ी में खरसिया क्षेत्र से सट्टा कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई है, जिसने यह साफ कर दिया है कि अब पुलिस की नजर पारंपरिक ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से संचालित हो रहे नेटवर्क पर भी है।खरसिया के मालधक्का रोड पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ताजी लाल पटेल (39 वर्ष), निवासी मौहापाली, को गिरफ्तार किया है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टा संचालित कर रहा था।
आरोपी के पास से एक Vivo Y15s मोबाइल और ₹10,500 नगद बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि सट्टा कारोबार अब तकनीक के सहारे अधिक संगठित और छुपे हुए तरीके से संचालित हो रहा है।
एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी खरसिया पुलिस ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेड डाली। चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान मोबाइल में व्हाट्सएप के जरिए सट्टा से जुड़े संदेश और लेन-देन के प्रमाण भी मिले, जो इस अवैध नेटवर्क के डिजिटल स्वरूप को उजागर करते हैं।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर विधिवत कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक मनोज पटेल, आरक्षक किशोर राठौर, साविल चंद्रा और मुकेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में सट्टा, जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि सट्टा खाईवाल और पट्टी लिखने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलते अपराध जगत की तस्वीर भी पेश करती है, जहाँ अब सट्टा जैसे अवैध धंधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नए रूप में सामने आ रहे हैं और पुलिस उसी तेजी से अपनी रणनीति को अपडेट करते हुए इन पर प्रहार कर रही है।













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