मदनपुर स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए बनाए गए ICT लैब की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर और अन्य तकनीकी संसाधन धूल फांकते नजर आ रहे हैं।
लैब में न तो नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही उपकरणों की सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम। कई कंप्यूटर खराब हालत में पड़े हैं, तो कुछ का उपयोग ही नहीं हो रहा। ऐसे में डिजिटल शिक्षा का सपना अधूरा ही नजर आ रहा है।
इसी बीच सूचना मिलने पर जनपद उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल और बीईओ एल एन पटेल मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान लैब की बदहाल स्थिति को देखते हुए उन्होंने नाराजगी जताई और स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने प्राचार्य को तत्काल साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके।
इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर ही खड़ा होता है। ICT लैब के रखरखाव की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वही इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब सरकार बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है, तो उनका सही उपयोग सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस लापरवाही पर कार्रवाई होती है






















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