रायगढ़, 06 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का रायगढ़ दौरा प्रशासनिक सक्रियता और पुलिसिंग सुधार के स्पष्ट संकेतों के साथ संपन्न हुआ। जशपुर से सड़क मार्ग से पहुंचे डीजीपी ने रक्षित केंद्र स्थित ऑफिसर्स मेस में जिले के राजपत्रित अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग में नवाचार और जनसहभागिता जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। डीजीपी ने विशेष रूप से बीट सिस्टम को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र ही प्रभावी अपराध नियंत्रण की कुंजी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायतकर्ता की बात गंभीरता से सुनी जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीजीपी गौतम ने कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने और जनता के साथ भरोसेमंद संवाद कायम रखने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने स्थानीय विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल अपराध कम होंगे बल्कि सामाजिक समरसता भी मजबूत होगी।
यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। वहीं न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए समंस और वारंट की समय पर तामिली तथा विशेषज्ञ रिपोर्ट्स को समयसीमा में न्यायालय में प्रस्तुत करने पर भी विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने होमगार्ड फायर यूनिट का जायजा लिया और संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के फायर ब्रिगेड वाहनों को शीघ्र वहां भेजने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही छठवीं वाहिनी परिसर के निरीक्षण में साफ-सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के निर्देश भी दिए गए।
सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकारवार्ता में डीजीपी ने रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग ही जनता का विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने साइबर अपराधों पर कार्रवाई, म्यूल अकाउंट्स पर नियंत्रण और सीसीटीएनएस के उन्नयन को प्राथमिकता बताया।
दौरे के दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।













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