डिजिटल खतरे पर सिनेमाई वार: रायगढ़ में ‘ख़ौफ़’ के जरिए साइबर जागरूकता की नई पहल
रायगढ़ मोबाइल स्क्रीन की दुनिया जितनी आसान लगती है, उतनी ही खतरनाक भी होती जा रही है।
एक क्लिक, एक कॉल या एक लिंक… और पलक झपकते ही लोग साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं।
ऐसे ही बढ़ते डिजिटल खतरों के बीच रायगढ़ पुलिस अब जागरूकता का नया और अनोखा तरीका लेकर सामने आई है—सिनेमा के जरिए संदेश देने का प्रयास।इसी कड़ी में साइबर सुरक्षा पर आधारित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वार” का विशेष निःशुल्क प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
खास बात यह है कि इस फिल्म को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने खुद लिखा, निर्देशित किया है और इसमें अभिनय भी किया है।
यानी यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जमीनी अनुभवों से निकली चेतावनी है, जो सीधे दर्शकों से संवाद करती है।फिल्म में उन आम स्थितियों को दिखाया गया है, जिनका सामना आज का हर मोबाइल यूज़र कर सकता है—फर्जी कॉल, लिंक, OTP फ्रॉड और सोशल इंजीनियरिंग के जाल। कहानी के जरिए यह बताया गया है कि कैसे थोड़ी सी सावधानी बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।
यह विशेष प्रदर्शन 10 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे घरघोड़ा के AK सिनेमा में होगा, जहां आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।
पुलिस का उद्देश्य साफ है—जितने ज्यादा लोग जागरूक होंगे, उतना ही साइबर अपराधियों के लिए जाल बिछाना मुश्किल होगा।रायगढ़ पुलिस की यह पहल पारंपरिक जागरूकता अभियानों से अलग है। यहां भाषण नहीं, बल्कि कहानी के जरिए समझाया जाएगा ताकि संदेश दिल और दिमाग दोनों तक पहुंचे।
⚠️ अंतिम संदेश:
डिजिटल दुनिया में सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, जरूरत है। याद रखें हर अनजान कॉल, हर लिंक और हर ऑफर पर भरोसा करना जरूरी नहीं, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। क्योंकि आज के दौर में “सावधानी” ही सबसे मजबूत पासवर्ड है।













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