जहां चुनौतियां बड़ी थीं… वहां SSP का एक्शन खेल गया , ऐसे होती है असली कप्तानी

रायगढ़, 10 अप्रैल 2026।जिले में लंबे समय से जड़ें जमा चुके ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर आखिरकार पुलिस ने ऐसा प्रहार किया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। मोबाइल ऐप, UPI ट्रांजेक्शन और बाहरी लिंक के जरिए चुपचाप चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने न केवल सट्टा लिखने वालों को रंगे हाथों पकड़ा, बल्कि पूरे नेटवर्क की परतें खोलते हुए उसके सरगनाओं तक पहुंचने का रास्ता भी साफ कर दिया है।

LIVE सट्टा का भंडाफोड़ , मौके से गिरफ्तारी दिनांक 09 अप्रैल 2026 को साइबर थाना और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि बोईरदादर स्थित गुरूकृपा प्रोविजन स्टोर के पास दो व्यक्ति मोबाइल के जरिए IPL मैच (कोलकाता बनाम लखनऊ) में बॉल टू बॉल सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर दबिश दी। वहां जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे नेटवर्क की हकीकत खोल दी,एक आरोपी मोबाइल पर लाइव सट्टा खेल रहा था, जबकि दूसरा हर गेंद का हिसाब नोट कर रहा था।

मौके से गिरफ्तार आरोपी पंकज जय सिंह, पिता गोविंद राम, निवासी सिंधी कॉलोनी कच्ची खोली जयदेव मित्रा, पिता सुखमय मित्रा, निवासी देवांगन पारा बोईरदादरइनमें से जयदेव मित्रा को पुलिस ने मौके पर ही सट्टा नोट करते हुए पकड़ा, जिससे कार्रवाई और भी पुख्ता हो गई।

डिजिटल सबूतों ने खोला पूरा राज आरोपियों के कब्जे से एक वीवो और एक सैमसंग मोबाइल फोन जप्त किए गए। जब इन डिवाइस की जांच की गई, तो उसमें “ALL PANELEXCH” और “JALWA-247” जैसे सट्टा प्लेटफॉर्म एक्टिव पाए गए।यह सिर्फ सट्टा खेलने का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित डिजिटल नेटवर्क का हिस्सा था,हर बॉल पर सट्टा लगाया जा रहा था लेनदेन पूरी तरह UPI के जरिए हो रहा था, पूरा डेटा मोबाइल में सुरक्षित रखा जा रहा था

इधर पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अकेले काम नहीं कर रहे थे, बल्कि पूरे नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे, जिसका संचालन मुख्य खाईवाल शानू बेरीवाल (निवासी पंचवटी कॉलोनी, चक्रधरनगर) द्वारा किया जा रहा था।फिलहाल शानू बेरीवाल फरार है, लेकिन पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

कानूनी शिकंजा सीधे जेल तक का रास्ता इस पूरे मामले में थाना चक्रधरनगर में👉 अपराध क्रमांक 157/2026👉 धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम👉 धारा 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

दूसरी बड़ी सफलता ,सरगना तक पहुंची पुलिस“ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक और बड़ा वार करते हुए लंबे समय से फरार सट्टा खाईवाल एजाज अहमद उर्फ मन्नू (36 वर्ष), निवासी इंदिरा नगरको गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया।

पुराने केस से जुड़ा पूरा नेटवर्क इस कार्रवाई की जड़ें 19 फरवरी 2026 के उस मामले से जुड़ी हैं, जब हेमंत बत्रा को “अजय कोल्ड्रिंक्स एवं पान सेंटर” से गिरफ्तार किया गया था उसके पास से Apple iPhone 13 Pro, iPhone 12 और नगद राशि बरामद हुई थी, मोबाइल जांच में “JMDBET.com” सट्टा साइट पर सक्रिय ID मिली थी ,पूछताछ में हेमंत बत्रा ने खुलासा किया था कि वह रोहित अग्रवाल के साथ मिलकर सट्टा चला रहा था पूरा नेटवर्क एजाज उर्फ मन्नू के लिए काम करता था

अब पुलिस ने उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई है और प्रकरण में धारा 238 BNS भी जोड़ी गई है।

इन अफसरों की रणनीति से टूटा नेटवर्क

पूरे ऑपरेशन की कमान SSP शशि मोहन सिंहके नेतृत्व में एडिशनल एसपी अनिल सोनी , नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा,थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक और उनकी टीम एएसआई आशिक रात्रे, नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी, रवि किशोर साय, आरक्षक नवीन शुक्ला, चन्द्र कुमार बंजारे और मीनकेतन पटेलने पूरी मुस्तैदी और रणनीति के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

SSP का सख्त संदेश “रायगढ़ पुलिस अब केवल सट्टा संचालित करने वालों पर ही नहीं, बल्कि सट्टा खेलने वालों पर भी सख्त कार्रवाई करेगी। आमजन से अपील है कि ऐसे अवैध कृत्यों की सूचना पुलिस को दें और इस अभियान में सहभागी बनें।”

निष्कर्ष अब सट्टा माफिया के लिए नो-एंट्री

रायगढ़ में चल रहा ऑनलाइन सट्टा अब पूरी तरह पुलिस के रडार पर है। “ऑपरेशन अंकुश” ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कार्रवाई केवल छोटे खिलाड़ियों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसके सरगनाओं तक पहुंच रही है।

👉 जहां सिस्टम पहले कमजोर नजर आ रहा था… वहां अब सख्त नेतृत्व, तेज एक्शन और स्पष्ट रणनीति दिख रही है और यही है असली कप्तानी।

रायगढ़ पुलिस का यह एक्शन साफ संकेत है कि अब सट्टा माफिया के लिए जिले में कोई जगह नहीं बची है।

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