जागरूकता की मिसाल: “खौफ द डिजिटल वार” का घरघोड़ा में प्रभावशाली प्रदर्शन, SSP की पहल को मिली सराहना

जागरूकता की मिसाल: “खौफ द डिजिटल वार” का घरघोड़ा में प्रभावशाली प्रदर्शन, SSP की पहल को मिली सराहना


रायगढ़, 10 अप्रैल 2026।
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच रायगढ़ पुलिस ने जागरूकता की दिशा में एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित एवं अभिनीत शॉर्ट फिल्म “खौफ द डिजिटल वार” का घरघोड़ा स्थित ए.के. सिनेमा में निशुल्क प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी।


यह आयोजन सिर्फ एक फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज को साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सतर्क करने का एक सशक्त प्रयास बनकर सामने आया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


जब जागरूकता बनी फिल्म की ताकत


खौफ द डिजिटल वार” के माध्यम से साइबर अपराधों के विभिन्न रूप ,ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, लिंक स्कैम को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिल्म ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक और मानसिक क्षति का कारण बन सकती है, और इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता ही है।


फिल्म की कहानी, प्रस्तुति और वास्तविक घटनाओं से जुड़ी झलकियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया।


जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसएसपी शशि मोहन सिंह एवं अध्यक्षता में भाजपा जिला अध्यक्ष अरुणधर दीवान उपस्थित रहे।


इस अवसर पर एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता, नायब तहसीलदार सहोदर राम, भाजपा नेता सुनील सिंह ठाकुर, ए.के. सिनेमा संचालक अनिल कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, आईटीआई के छात्र-छात्राएं, महिलाएं, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे।


आयोजन में थाना प्रभारी की रही अहम भूमिका
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू की विशेष भूमिका रही। उनके कुशल समन्वय और सक्रिय प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावी रूप से संपन्न हो सका।


अभिनय और पहल दोनों की हुई सराहना
फिल्म प्रदर्शन के उपरांत उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने एसएसपी शशि मोहन सिंह की इस रचनात्मक पहल और उनके अभिनय की खुलकर सराहना की। सभी ने इसे वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए समाज के लिए अत्यंत उपयोगी कदम बताया।


सामाजिक फिल्मों के माध्यम से जागरूकता का अभियान
उल्लेखनीय है कि एसएसपी शशि मोहन सिंह इससे पहले भी सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। घरेलू हिंसा पर आधारित “यातना”, अंधविश्वास पर आधारित “गोमती” तथा मानव तस्करी पर आधारित “कजरी” को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना और पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
अब “खौफ द डिजिटल वार” के माध्यम से उन्होंने साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूकता की एक नई पहल शुरू की है।


SSP का संदेश एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह फिल्म साइबर फ्रॉड से बचाव के उद्देश्य से बनाई गई है और इसका संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें, साझा करें और अपने परिवार को भी जागरूक करें।

निष्कर्ष
घरघोड़ा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान के रूप में सामने आया, जहां पुलिस, प्रशासन और समाज एक साथ जुड़े।


👉 “खौफ द डिजिटल वार” ने यह साबित कर दिया कि जब प्रयास समाजहित में हो, तो एक फिल्म भी बदलाव की मजबूत आवाज बन सकती है।

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