1000 से ज्यादा NCC-स्काउट गाइड कैडेट बने ट्रैफिक पुलिस के ‘ब्रांड एंबेसडर’, बिलासपुर में सड़क सुरक्षा पर मेगा वर्कशॉप

1000 से ज्यादा NCC-स्काउट गाइड कैडेट बने ट्रैफिक पुलिस के ‘ब्रांड एंबेसडर’, बिलासपुर में सड़क सुरक्षा पर मेगा वर्कशॉप

यातायात नियमों की अनदेखी, खतरनाक स्टंट और सोशल मीडिया रील्स के खतरे बताए गए, आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम की भी दी गई जानकारीबिलासपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस बिलासपुर ने एक बड़ा जनजागरूकता अभियान चलाते हुए 1000 से अधिक एनसीसी और स्काउट-गाइड कैडेटों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

इस दौरान सभी कैडेटों को यातायात पुलिस का “ब्रांड एंबेसडर” बनाते हुए उनसे समाज में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित यह विशेष कार्यशाला गुरु घासीदास विद्यालय, बिलासपुर के रजत जयंती सभा कक्ष में संपन्न हुई। संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल 1000 से अधिक एनसीसी एवं स्काउट-गाइड कैडेटों ने इसमें भाग लिया।

युवा वर्ग को बनाया गया जागरूकता अभियान का केंद्र यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग युवाओं का होता है। इसी कारण जागरूकता अभियान का मुख्य फोकस युवा पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना है। पुलिस का मानना है कि यदि छात्र-छात्राएं ट्रैफिक नियमों के महत्व को समझेंगे तो वे स्वयं भी सुरक्षित रहेंगे और समाज में भी सकारात्मक संदेश पहुंचाएंगे।कार्यशाला में कैडेटों को वाहन चलाते समय आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करने, ट्रैफिक नियमों का सम्मान करने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

रील्स, स्टंट और लापरवाही से होने वाले खतरों पर विशेष चर्चा प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने युवाओं में तेजी से बढ़ रही उन प्रवृत्तियों पर चिंता जताई, जिनमें सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए सड़क पर खतरनाक स्टंट करना, तेज रफ्तार एवं लापरवाही से वाहन चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी करना और दूसरों की जान को जोखिम में डालना शामिल है।कैडेटों को बताया गया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग और ईयरबड्स लगाना कितना खतरनाक हो सकता है।

हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग जीवनरक्षक सुरक्षा उपाय हैं।नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है मॉडिफाइड साइलेंसर और कानफोड़ू आवाज वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।अमानक एवं अत्यधिक तेज रोशनी वाली हेडलाइट्स दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।आईटीएमएस चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करना गंभीर उल्लंघन है।

आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम और तकनीक से कराया परिचय कार्यशाला में कैडेटों को यातायात पुलिस द्वारा उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीकों और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणालियों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने आईटीएमएस (Integrated Traffic Management System), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन, पीओएस मशीन और बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी तकनीकों के माध्यम से की जा रही कार्रवाई एवं निगरानी व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान बताया गया कि तकनीक के उपयोग से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

अधिकारी और सैन्य स्टाफ रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश, अशोक नागपुरे, रंजू शर्मा, नवीन सिरस्वर, रवि आडीले, पुखराज माझी, नारायण साहू, मृणाल, जयरामनगर के केयरटेकर, केंद्रीय विद्यालय एवं एनसीसी के अधिकारी, आर्मी स्टाफ सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षक और कैडेट उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा का संदेश घर-घर पहुंचाने की पहल यातायात पुलिस बिलासपुर का मानना है कि केवल चालानी कार्रवाई से सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता। इसके लिए समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षित कैडेटों को ट्रैफिक नियमों का प्रचारक बनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने की पहल की गई है।

NKB National News प्रस्तुत करता है

🌆 सिटी हलचल 🌆

अब आपकी आवाज़, आपकी खबर
अगर आपके शहर में कोई हलचल, घटना, समस्या या खास जानकारी है

तो आप उसे वीडियो या सूचना के रूप में हमें भेज सकते हैं।

📩 आपकी भेजी गई सामग्री

नियमों के अनुसार और सत्यापन के बाद
हमारे मंच पर प्रकाशित की जाएगी।

“हर शहर की खबर, अब आपकी नजर से”
NKB नेशनल न्यूज – सच्चाई के साथ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!