15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक चला 49 दिवसीय साइबर जागृति महाअभियान सम्पन्न, बिलासपुर पुलिस ने 18 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश
बिलासपुर, 02 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में संचालित राज्य स्तरीय साइबर जागृति महाअभियान के तहत बिलासपुर पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया 49 दिवसीय व्यापक साइबर जागरूकता अभियान शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, बिलासपुर में आयोजित समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ।

अभियान के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और नवाचारों के माध्यम से 18 लाख से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों, ग्रामीणों, शासकीय कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित Digital Behaviour के लिए प्रेरित करना रहा।
बिलासपुर पुलिस ने अभियान को सात सप्ताह में अलग-अलग वर्गों पर केंद्रित करते हुए संचालित किया।पहले सप्ताह में विद्यार्थी एवं युवाओं, दूसरे सप्ताह में बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं, तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों, चौथे सप्ताह में महिलाओं एवं छात्राओं, पांचवें सप्ताह में असंगठित क्षेत्र के युवा एवं श्रमिकों, छठवें सप्ताह में शासकीय क्षेत्र की संस्थाओं तथा सातवें सप्ताह में ग्रामीण एवं अर्धसैनिक क्षेत्र के नागरिकों को केंद्रित कर साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग एवं उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में अभियान के दौरान साइबर संवाद, साइबर जुम्बा, साइबर जागृति रक्षा सूत्र, नुक्कड़ नाटक, साइबर प्रश्नोत्तरी, साइबर जागृति नाटक एवं नृत्य, साइबर सुरक्षा खेल उत्सव, खेल गतिविधियां, रेडियो प्रसारण और विशेष साइबर जागृति गीत जैसे कई innovative कार्यक्रम आयोजित किए गए।

साइबर संवाद के माध्यम से गणमान्य नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं, NGO, चेतना मित्रों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों, खिलाड़ियों, प्रेस-मीडिया तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के साथ Online और Offline संवाद किया गया। इन कार्यक्रमों में साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों और पीड़ितों के अनुभवों पर चर्चा की गई तथा नागरिकों की साइबर संबंधी शंकाओं का समाधान किया गया।फिटनेस गतिविधि को साइबर जागरूकता से जोड़ते हुए साइबर जुम्बा का आयोजन किया गया।

वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर साइबर सुरक्षा संदेश वाले Sticker को रक्षा सूत्र/राखी के रूप में नागरिकों की कलाई पर बांधकर सुरक्षा का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

सार्वजनिक स्थानों पर साइबर नुक्कड़ नाटक के जरिए ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के संदेश को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। वहीं साइबर सुरक्षा आधारित प्रश्नोत्तरी में नागरिकों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया तथा प्रतिभागियों को E-Certificate प्रदान किए गए। विभिन्न डांस अकादमियों और कलाकारों के सहयोग से संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

साइबर सुरक्षा खेल उत्सव में हॉकी एवं एथलेटिक्स की विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप और गोला फेंक के माध्यम से खिलाड़ियों एवं युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा स्केटिंग, ताइक्वांडो और कराटे जैसी खेल गतिविधियों को भी साइबर जागरूकता से जोड़ा गया।

एफएम नेटवर्क के माध्यम से साइबर जागृति रेडियो प्रसारण भी किया गया। इसमें प्रतिदिन अलग-अलग साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साइबर सुरक्षा पर आधारित विशेष गीत का भी विभिन्न स्थानों पर प्रसारण और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रचार किया गया।

बिलासपुर पुलिस ने साइबर उड़ान एवं साइबर फ्रॉड मटका फोड़ जैसे अभिनव कार्यक्रम भी आयोजित किए। पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के साथ लगभग 1,000 आकाशदीप प्रज्वलित कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर ग्राम चौपाल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न साइबर अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

गणेश चतुर्थी के दौरान जिले के विभिन्न गणेश पंडालों में पहुंचकर श्रद्धालुओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वहीं साइबर सुरक्षित सुप्रभात के माध्यम से सुबह के समय नागरिकों तक साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाए गए।अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी बिलासपुर प्रवास के दौरान साइबर जागृति अभियान में सहभागिता कर नागरिकों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया।


इनमें राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू द्वारा विभिन्न अवसरों पर अभियान से जुड़कर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

अभियान में Digital Arrest जैसे नए प्रकार के साइबर अपराधों को लेकर विशेष रूप से जागरूक किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एक वास्तविक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक परिवार को साइबर ठगों द्वारा करीब 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भयभीत एवं नियंत्रित रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप परिवार की लाखों रुपये की जमा पूंजी ठगी का शिकार हुई। नागरिकों को स्पष्ट किया गया कि कोई भी पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या सरकारी संस्था वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही किसी खाते में पैसे जमा कराने के लिए कहती है।

49 दिवसीय अभियान के दौरान नागरिकों को Online Fraud, UPI Fraud, QR Code Fraud, Phishing, Vishing, Smishing, OTP Fraud, KYC Fraud, Bank Account Fraud, Credit/Debit Card Fraud, ATM Fraud, SIM Swap Fraud, Identity Theft, Account Hacking, Social Media एवं E-mail Hacking, Password Theft, Fake Social Media Profile, Online Impersonation, Cyber Stalking, Cyber Bullying, Online Harassment, Sextortion, Morphed Photo/Video और Deepfake जैसे साइबर अपराधों के संबंध में भी जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान डेली रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान DPS स्कूल के 09 वर्षीय छात्र स्वास्तिक झा ने साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार और उनसे बचाव के उपायों के संबंध में अपनी जानकारी साझा की। उसकी जागरूकता से प्रभावित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह द्वारा उसे प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समापन समारोह में साइबर जागृति महाअभियान के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों तथा अभियान में सहयोग प्रदान करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ साइबर सुरक्षा पर आधारित नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।
इस अवसर पर बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। अनजान Link पर क्लिक न करें, OTP, UPI PIN, ATM PIN और Password किसी के साथ साझा न करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई App डाउनलोड न करें। वीडियो कॉल पर पुलिस, CBI, ED या कस्टम अधिकारी बनकर धमकाने वाले लोगों से सावधान रहें और QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता सुनिश्चित करें।

साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करने तथा नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में सूचना देने की अपील भी की गई।
समापन कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिलाधीश संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

बिलासपुर पुलिस ने कहा कि साइबर जागरूकता को एक सतत जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाते हुए जिले के नागरिकों को सुरक्षित Digital Environment उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने नागरिकों से संदेश दिया—सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और साइबर अपराध से बचें।







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