दुर्ग। महादेव सट्टा एप घोटाले में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई अधिकारियों और करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। रायपुर, भिलाई सहित दो दर्जन से अधिक स्थानों पर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।
सीबीआई की इस कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भिलाई पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर जाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इन स्थानों पर हुई सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई की टीम ने तड़के रायपुर, भिलाई सहित विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। प्रमुख नाम जिनके ठिकानों पर कार्रवाई हुई:
- भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री)
- विनोद वर्मा (राजनीतिक सलाहकार)
- सौम्या चौरसिया (पूर्व उप सचिव, सीएम सचिवालय)
- देवेंद्र यादव (विधायक)
- अनिल टुटेजा (पूर्व IAS अधिकारी)
- आनंद छाबड़ा (IPS अधिकारी)
- अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल (पुलिस अधिकारी)
- एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव
- KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी
- पूर्व OSD मनीष बंछोर, आशीष वर्मा
- निरीक्षक गिरीश तिवारी सहित अन्य अधिकारी
ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील
राजनांदगांव स्थित वीआईपी कॉलोनी सन सिटी में सीबीआई की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक महेश्वरी के घर छापेमारी की और घर को सील कर दिया। इस दौरान वह घर पर मौजूद नहीं थे।
भूपेश बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की निगरानी में
सीबीआई टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर उनके पुत्र चैतन्य बघेल से पूछताछ की। वहीं, भूपेश बघेल परिवार के साथ घर में मौजूद रहे और केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी में हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प
सीबीआई की कार्रवाई के दौरान भूपेश बघेल के निवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। मौके पर सीएसपी हरीश पाटिल, चार थानों के टीआई और 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात थे। कांग्रेस पार्षद के पति लाभेश मंदरकर और जामुल टीआई कपिल देव पांडेय के बीच झूमाझटकी की भी खबर है।
सौम्या चौरसिया के घर से अहम दस्तावेज बरामद
पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर भी सीबीआई की टीम ने छानबीन की, जहां से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जाने की चर्चा है।
क्या है महादेव सट्टा एप घोटाला?
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। ईडी ने जनवरी 2023 में इस मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसे एसीबी और ईओडब्ल्यू को भी सौंपा गया।
इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इस घोटाले में कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।













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