रायगढ़,, जिले के धरमजयगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम भालूपखना से एक विवाद सामने आया था। यहां संचालित लघु जल विद्युत परियोजना को लेकर ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच संघर्ष की बात कही जा रही थी। कुछ एक समाचार पत्रों में sdm धर्मजयगढ़ को लक्षित करते हुए खबर चलाया गया था। जिसके अनुसार धनवादा पावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित प्रोजेक्ट के द्वारा किसानों की निजी भूमि पर अवैध रूप से रास्ता बनाए जाने से विवाद की बात कही गई थी।

यहां धनवादा प्रोजेक्ट में निजी भूमि पर अवैध रास्ता निर्माण, किसानों पर समझौते का दबाव ये खबर निकली पूरी तरह से फर्जी ,आधी अधूरी बात से अनुविभागीय अधिकारी को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। मामले को लेकर हमने सच जानना चाहा तो पाया कि
कथित रूप से पीड़ित किसान कमलसाय बैगा के अनुसार उन्हें एसडीएम द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच पति के फोन पर बात कराया गया, वहीं एसडीएम ने रास्ता पर किया गया घेराव को हटाने को कहा गया, लेकिन वहीं कमलसाय बैगा द्वारा जवाब में एसडीएम को कहा कि मेरा पैत्रिक सम्पत्ति है इसे मैं नहीं छोड़ सकता हूं। फिर आगे बैगा के अनुसार बताया कि इसके बाद एसडीएम धरमजयगढ़ ने कहा बैगा तुम कानूनी कार्रवाई में फंसोगे।

उक्त खबर उक्त बातें पूरी तरह से फर्जी और झूठी है इसमें कहीं पर यह नहीं बताया गया कि जिसकी भूमि है उसे कंपनी हर महीने ऑनलाइन उसका भूमि किराया 10000 ऑनलाइन भुगतान करती है , और इसे बावजूद उक्त व्यक्ति ने कंपनी के कार्यालय और रोड पर बाधा स्वरूप बैरिकेड्स खड़े कर दिए है ताकि कंपनी को काम करने में परेशानी हो । अनुबंध के पश्चात किराए के दस हजार लेने के बावजूद ऐसे शासकीय कार्य में बाधा खड़े करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है , जिस पर संज्ञान लेते हुए sdm ने उक्त व्यक्ति को समझाइश दी थी कि किसी भी तरह की कानून को हाथ में लेने वाली गतिविधि न करें कानून के खिलाफ जाने से आपको कानूनी कार्यवाही में आना पड़ सकता है। SDM द्वारा जो भी कहा गया वो कानून के दायरे में था और एक तरह की समझाइश थी जिसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया जबकि समाचार लिखने वाले ने कही किराए की राशि कंपनी द्वारा मिलने की बात उजागर नहीं की। अतः ये खबर शासन प्रशासन को भ्रमित करने की कोशिश थी जिसके बारे में हमने sdm महोदय से सच्चाई जाना जो आपके सामने है













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