खरसिया में खाद संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सीएम से मिलने पहुंचे नेताओं को पुलिस ने रोका – कई हिरासत में
खरसिया, 05 सितंबर 2025 खरसिया में लगातार गहराते खाद संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की बोआई के सीजन में खाद नहीं मिलने से खेतों में काम रुक रहा है और किसान हताश हो रहे हैं। इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद मामला बढ़ गया और कांग्रेस नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने मौके से कई नेताओं को हिरासत में लेकर मदनपुर थाने भेजा।
शांतिपूर्ण मुलाकात की कोशिश, लेकिन पुलिस ने रोका
कांग्रेस, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और ग्रामीण-शहरी कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना था कि वे किसानों की परेशानी को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँचाना चाहते थे। वे ज्ञापन लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। लेकिन वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक दिया और मुख्यमंत्री तक नहीं जाने दिया।कांग्रेस नेताओं ने इसे “जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश” बताया।
विरोध प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल
जब पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, तो कांग्रेस नेताओं ने वहीं धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी
“सीएम वापस जाओ”“किसानों के हक पर हमला बंद करो”“खाद दो, किसान बचाओ”जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें मदनपुर थाने ले जाया गया।
महिला कांग्रेस का आरोप – लोकतंत्र की आवाज़ दबाई जा रही
महिला कांग्रेस की नेत्री श्रीमती नैना गबेल ने कहा –“हमारा उद्देश्य केवल किसानों की समस्याओं को शांतिपूर्वक सरकार तक पहुँचाना था। हमें मुख्यमंत्री जी से मिलने का मौका नहीं दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।”उन्होंने कहा कि खाद की किल्लत ने किसानों को बहुत परेशान कर दिया है। खेतों में बुवाई के समय खाद न मिलने से पूरी फसल पर संकट मंडरा रहा है।
कांग्रेस का ऐलान – संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि किसानों के हक की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी। जब तक खाद संकट का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन चलते रहेंगे।एक कांग्रेस नेता ने कहा –“खरसिया के किसान आज खाद की कमी से त्रस्त हैं। अगर समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो हजारों किसानों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। सरकार किसानों की आवाज सुनने की बजाय पुलिस बल का सहारा ले रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”
प्रशासन का पक्ष
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति और अचानक किए गए विरोध-प्रदर्शन से कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। इसलिए एहतियातन कांग्रेस नेताओं को रोका गया और कुछ को हिरासत में लिया गया।
किसानों की परेशानी बनी गंभीर चुनौती



खरसिया और आसपास के गांवों के किसान इन दिनों खाद की कमी से जूझ रहे हैं। धान की बोआई और रोपाई के लिए खाद अनिवार्य है, लेकिन गोदामों और समितियों में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान मायूस हैं। कई किसानों ने कहा कि अगर समय रहते खाद नहीं मिला, तो इस बार फसल पूरी तरह प्रभावित होगी और आर्थिक संकट गहराएगा।













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