विजयादशमी समिति का हुआ गठन, रूपेश सराफ पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए
खरसिया। अंचल के सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजनों में गिने जाने वाले विजयादशमी महोत्सव की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई हैं। इसी क्रम में रविवार को गायत्री मंदिर परिसर में महोत्सव समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी दशहरा महोत्सव के सफल संचालन को लेकर चर्चा की गई और नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।बैठक की शुरुआत पिछले वर्ष के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत करने से हुई। समिति के अध्यक्ष रूपेश सराफ ने विस्तृत जानकारी दी, जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने ध्यानपूर्वक सुना और सर्वसम्मति से इसे पारित किया। इसके बाद उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर से रूपेश सराफ को पुनः समिति का अध्यक्ष चुना। सर्वसम्मति से हुआ यह चयन इस बात का प्रमाण है कि सराफ के नेतृत्व और संगठन क्षमता पर समिति को पूर्ण विश्वास है। अन्य पदाधिकारियों की घोषणा आगामी दिनों में की जाएगी।
खरसिया का दशहरा: परंपरा और आस्था का संगम
खरसिया का दशहरा मेला न केवल नगर बल्कि पूरे अंचल में अपनी भव्यता, परंपरा और आकर्षण के लिए विख्यात है। दशहरे के दिन होने वाले रावण दहन को देखने के लिए न केवल स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के जिलों और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचते हैं। मेले के दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों तक के लिए मनोरंजन के विविध साधन उपलब्ध रहते हैं।इस वर्ष समिति ने आयोजन को और भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रावण दहन के दिन छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें क्षेत्र की कला-संस्कृति को मंच मिलेगा। वहीं, अगले दिन बॉलीवुड नाइट आयोजित करने पर भी सहमति बनी, जिससे नगरवासियों को मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम देखने मिलेगा।
बैठक में रही गरिमामयी उपस्थिति
गायत्री मंदिर में आयोजित इस बैठक में शहर के अनेक गणमान्य लोग और समिति सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से – अध्यक्ष रूपेश सराफ, गिरधर गुप्ता, बजरंग अग्रवाल, महेश साहू, विमल गर्ग, राजेश घंसु, सतीश अग्रवाल, गायत्री केशरवानी, अशोक डीटी, रतन अग्रवाल, कैलाश गर्ग, जगदीश मित्तल, अरुण चौधरी, प्रहलाद बंसल, कैलाश शर्मा, सुनील पत्रकार, विकास ज्योति, हनुमान अग्रवाल, विजय शर्मा, संजय फंदी, चीनू शर्मा, विन्नी सलूजा, रितेश एए, राधे पार्षद और शुभम गर्ग शामिल रहे।
सभी ने एकमत होकर आगामी दशहरा महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान यह विश्वास भी व्यक्त किया गया कि समिति और नगरवासियों के सहयोग से इस बार का खरसिया दशहरा महोत्सव और भी अधिक भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक होगा।













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