एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), बिलासपुर की तेज और प्रभावी कार्रवाई के चलते सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग और सहायक ग्रेड-2 बाबू मनोज (आदिम जाति कल्याण विभाग) को ₹10,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अंतरजाती विवाह में प्रोत्साहन राशि जारी करने के एवज में घूस मांग थी। एंटी करप्शन ब्यूरो की सतर्कता और तत्परता के कारण यह घोटाला होने से पहले ही पकड़ में आ गया।
ACB ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सभी ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जाती है और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
स्थानीय लोगों ने भी ACB की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि इससे प्रशासन में ईमानदारी और पारदर्शिता बढ़ेगी।













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