रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का गंभीर मामला सामने आया है। होटल संचालिका से किराये के नाम पर ट्रेलर वाहन लेकर आरोपियों ने उसका डाला बेच दिया और इंजन को भी बेचने की तैयारी में थे। समय रहते घरघोड़ा पुलिस की सतर्कता से इंजन जब्त कर लिया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
मामला 7 फरवरी 2026 को सामने आया, जब ग्राम कंचनपुर निवासी होटल संचालिका मीना चौहान ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व रायगढ़ निवासी अकबर खान से 16 लाख रुपये में ट्रेलर वाहन क्रमांक CG-13-LA-4176 खरीदा था, जिसे टाटा फाइनेंस कंपनी से फायनेंस कराया गया था। दस्तावेज पूरे न होने के कारण वाहन होटल के सामने खड़ा था।इसी दौरान घरघोड़ा क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कंपनियों में सुपरवाइजरी का काम करने वाला परमेश्वर चौहान उनसे संपर्क में आया। उसने दस्तावेज अपने खर्च पर बनवाने और प्रति माह 85 हजार रुपये किराया देने का प्रस्ताव दिया। उसके झांसे में आकर महिला ने ट्रेलर दे दिया। 20 जनवरी 2026 को आरोपी अपने साथी लीलाम्बर चौहान के साथ वाहन लेकर चला गया और कुछ दिन बाद मोबाइल बंद कर संपर्क से बाहर हो गया।संदेह होने पर ट्रेलर में लगे जीपीएस के माध्यम से लोकेशन ट्रैक की गई, जिससे वाहन कुंजारा, लैलूंगा क्षेत्र में पाया गया। जब पीड़िता मौके पर पहुंची तो वहां केवल ट्रेलर का इंजन खड़ा मिला, जबकि डाला गायब था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने डाला बिलासपुर में बेच दिया था और इंजन बेचने की फिराक में थे।पुलिस ने अपराध क्रमांक 43/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने ट्रेलर का इंजन जब्त कर आरोपी परमेश्वर चौहान और लीलाम्बर प्रसाद चौहान को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ जिले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भरोसे का दुरुपयोग कर संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।















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