रायगढ़ की गलियों में चोरी की एक्टिवा ने पुलिस को हिला कर रख दिया। 6 मार्च की दोपहर, मुकेश अग्रवाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई की एक्टिवा अचानक गायब हो गई। पुराना शनिदेव मंदिर के पीछे सुलभ शौचालय के पास लॉक कर दुकान के लिए रवाना हुए थे, और रात तक स्कूटी कहीं नहीं मिली।
पुलिस की चक्रधरनगर पेट्रोलिंग टीम ने अगले ही दिन दो संदेही, एक नाबालिग और एक जवान शरारती, सफेद एक्टिवा के साथ पकड़ लिए। पूछताछ में दोनों ने चोरी स्वीकार कर ली।
डिजिटल दुनिया का जासूस, “सशक्त ऐप”, ने चोरी की स्कूटी को तुरंत पहचान लिया और पुलिस को अलर्ट किया।
स्कूटी, जिसकी कीमत लगभग 15,000 रुपये थी, बरामद कर ली गई। किशोर आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जबकि मुख्य आरोपी मनोज भारती (19, प्रेमनगर) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस की तेज़ कार्रवाई और डिजिटल मदद ने चोरी की एक्टिवा की कहानी को फुल सस्पेंस के साथ खत्म कर दिया। अब शहर में कोई भी शरारती वाहन चोरी करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।













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