रायगढ़ में ऑपरेशन अंकुश का बड़ा असर IPL सट्टे के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 27 अप्रैल 2026 आईपीएल मैचों की आड़ में चल रहे अवैध ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी पर रायगढ़ पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत साइबर थाना, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ढाई लाख रुपये कीमत के 7 मोबाइल फोन, 15,490 रुपये नगद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में अंजाम दी गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बड़े सट्टा संचालकों (खाईवाल) तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
शहर में दो बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़े गए आरोपी रायगढ़ शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में साइबर टीम और स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नयागंज कोष्टापारा स्थित खादी ग्राम भंडार के पास दबिश दी। यहां से सोनू देवांगन (21) को गिरफ्तार किया गया, जो अपने मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले जा रहे मुकाबलों पर हार-जीत का सट्टा लगा रहा था और दूसरों को भी इसमें शामिल कर रहा था।
जांच में उसके मोबाइल से मैच से जुड़े स्क्रीनशॉट और गूगल-पे के जरिए हुए ट्रांजेक्शन के सबूत मिले। पुलिस ने आरोपी के पास से वीवो कंपनी का मोबाइल जब्त कर उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 के तहत कार्रवाई की।इसी कड़ी में दूसरी कार्रवाई गद्दी चौक स्थित ए-वन कैफे में की गई, जहां कैफे संचालक हर्षित देवांगन (24) को रंगे हाथ ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया।
उसके पास से दो मोबाइल बरामद हुए, जिनके जरिए वह दांव लगवा रहा था और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से लेनदेन कर रहा था। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
घरघोड़ा में दो अलग-अलग रेड, 4 आरोपी गिरफ्तार घरघोड़ा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई में गोयल ट्रेडिंग किराना दुकान से भरत गोयल (22) को गिरफ्तार किया गया, जो आईपीएल मैच के दौरान चौका, छक्का, विकेट और हार-जीत पर लोगों से पैसे लेकर ऑनलाइन सट्टा खिला रहा था। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से एप्पल कंपनी का मोबाइल जब्त किया गया।दूसरी बड़ी कार्रवाई जय स्तंभ चौक के पास की गई, जहां पुलिस ने गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता को सट्टा खेलाते पकड़ा। ये आरोपी हर गेंद और मैच के परिणाम पर दांव लगवा रहे थे। मौके से भागने की कोशिश करने पर तीनों को तुरंत पकड़ लिया गया। उनके पास से चार मोबाइल फोन और 15,490 रुपये नगद बरामद किए गए।इन आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 और बीएनएस की धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सट्टा नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से सट्टा खाईवाल (मुख्य संचालकों) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस अब इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने की दिशा में काम कर रही है। साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ट्रांजेक्शन ट्रेल और अन्य कड़ियों को जोड़ रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल, घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू सहित कई पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संयुक्त टीम की सतर्कता और समन्वय से यह बड़ी सफलता हासिल हुई
एसएसपी का सख्त संदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि रायगढ़ पुलिस ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध जुए के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसे आयोजनों की आड़ में सट्टा चलाने वालों पर लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे अवैध नेटवर्क से दूर रहें और आम नागरिकों से आग्रह किया कि सट्टेबाजी या जुए से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष“ऑपरेशन अंकुश” के तहत हुई यह कार्रवाई न सिर्फ सट्टेबाजों के खिलाफ कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि रायगढ़ पुलिस साइबर और ग्राउंड लेवल पर मिलकर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करने की दिशा में सक्रिय है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।













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