24 घंटे में एक्शन: रायगढ़ पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर आरोपी को भेजा सलाखों के पीछे
रायगढ़, 29 अप्रैल 2026
रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर अपनी तेज़ और प्रोफेशनल कार्रवाई से साबित कर दिया कि नाबालिगों की सुरक्षा उनके लिए सिर्फ दावा नहीं, बल्कि प्राथमिकता है। महज़ 24 घंटे के भीतर गुमशुदा 13 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामला 27 अप्रैल का है, जब बालिका के परिजनों ने थाना कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, बालिका दोपहर घर से निकली थी लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा हर संभव तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने तुरंत अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तेज़ एक्शन, सटीक लोकेशन ट्रेसिंग
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिली अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम बिना देरी किए सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र पहुंची, जहां से बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया।
झांसा, शोषण और सच्चाई का खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रमेश यादव (21 वर्ष) की पहचान बालिका से करीब एक साल पहले एक मेले में हुई थी। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर बालिका को झांसे में रखा और लगातार मोबाइल पर संपर्क बनाए रखा।
27 अप्रैल को आरोपी रायगढ़ पहुंचा, जहां उसने रोज गार्डन के पास बालिका को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद वह बालिका को मोटरसाइकिल से अपने गांव ले गया।
पुख्ता साक्ष्य, सख्त धाराएं
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मोबाइल जब्त किया है। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के कथन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ते हुए विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया।
टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त और कोतवाली स्टाफ की अहम भूमिका रही। त्वरित समन्वय और सटीक रणनीति के चलते ही पुलिस इतनी कम समय में सफलता हासिल कर पाई।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। बहला-फुसलाकर या झांसा देकर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
यह पूरा मामला न सिर्फ पुलिस की तत्परता और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि समय पर कार्रवाई और मजबूत इंटेलिजेंस से बड़े अपराधों पर तेजी से लगाम लगाई जा सकती है। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर कानून के सख्त और संवेदनशील दोनों चेहरे को सामने लाती है।













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