ऑपरेशन तलाश बना सहारा, 30 दिनों में 114 गुमशुदा सुरक्षित बरामद, सरगुजा पुलिस की बड़ी सफलता

सरगुजा। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” और “अभियान मुस्कान” के तहत सरगुजा पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। महज एक महीने के भीतर 114 गुम इंसानों को खोज निकालकर उनके परिजनों से मिलाया गया, जिससे कई परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।

पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर 1 अप्रैल से शुरू हुए इस विशेष अभियान को पूरे अप्रैल माह में गंभीरता के साथ संचालित किया गया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अधिक से अधिक गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे।

इन्हीं निर्देशों के तहत पुलिस टीमों ने तकनीकी संसाधनों और जमीनी स्तर पर लगातार संपर्क के जरिए व्यापक खोज अभियान चलाया।

अभियान के दौरान बरामद किए गए 114 लोगों में 80 महिलाएं, 20 पुरुष और 14 नाबालिग शामिल हैं। नाबालिगों में 2 बालक और 12 बालिकाएं शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंपा गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने खासतौर पर उन परिवारों को राहत दी, जो लंबे समय से अपने अपनों की तलाश में भटक रहे थे।

थाना स्तर पर देखें तो गांधीनगर पुलिस टीम ने सर्वाधिक 25 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर अग्रणी भूमिका निभाई। इसके अलावा अंबिकापुर कोतवाली ने 12, दरिमा ने 13, लखनपुर ने 11, उदयपुर ने 10, लुंड्रा और मणिपुर ने 7-7, बतौली और धौरपुर ने 4-4, जबकि सीतापुर और कमलेश्वरपुर ने भी अहम योगदान देते हुए गुमशुदाओं की दस्तयाबी सुनिश्चित की।

अभियान मुस्कान” के तहत नाबालिगों की खोज पर विशेष फोकस रखा गया। कोतवाली थाना ने 5, गांधीनगर ने 4, जबकि उदयपुर, बतौली, धौरपुर, मणिपुर और कमलेश्वरपुर ने 1-1 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों को सौंपा।पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा और तकनीकी साधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए हर मामले को गंभीरता से लिया। यही वजह रही कि कम समय में बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित खोज निकालना संभव हो सका।

सरगुजा पुलिस की इस पहल ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि संवेदनशीलता और सतत प्रयास से कितने ही बिछड़े लोगों को उनके परिवारों से फिर जोड़ा जा सकता है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि हर गुमशुदा अपने घर तक सुरक्षित लौट सके।

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