SSP-ASP की सुपरहिट जोड़ी ने खोली सट्टा, हवाला और ब्लैक मनी नेटवर्क की पूरी काली किताब ,रायगढ़ में आर्थिक अपराधियों पर पुलिस का सबसे बड़ा वार

रायगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ,करोड़ों की ब्लैक मनी, हवाला नेटवर्क और संगठित आर्थिक अपराध का खुलासा

रायगढ़। आईपीएल के नाम पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का कारोबार अब केवल मोबाइल और ऐप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी, हवाला ट्रांजेक्शन और संगठित आर्थिक अपराध का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा था।

रायगढ़ पुलिस ने इसी संगठित सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने लंबे समय तक तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रेल, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और फायनेंशियल एनालिसिस के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह रायगढ़ से लेकर सक्ती, रायपुर, बिलासपुर और दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से होने वाली करोड़ों की कमाई को सीधे बैंकिंग सिस्टम में लाने के बजाय अलग-अलग कारोबारी माध्यमों से कैश डंप कर हवाला चैनलों के जरिए व्हाइट किया जा रहा था।

यही वजह है कि पुलिस ने इस पूरे मामले को केवल जुआ नहीं बल्कि संगठित आर्थिक अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 भी जोड़ी है।26 अप्रैल की कार्रवाई से खुला पूरा नेटवर्कपूरा मामला 26 अप्रैल को शुरू हुई उस कार्रवाई से जुड़ा है, जब साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस ने संयुक्त दबिश देकर रायगढ़ शहर और घरघोड़ा क्षेत्र से ऑनलाइन आईपीएल सट्टे में शामिल छह आरोपियों को पकड़ा था। उस दौरान मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और नगदी बरामद हुई थी।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने रायगढ़ के बड़े खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर नेटवर्क संचालित होने की जानकारी दी।इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की।

साइबर एनालिसिस और डिजिटल डाटा के आधार पर पुलिस लगातार नेटवर्क की कड़ियां जोड़ती गई। जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी लंबे समय से सट्टे की रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल चला रहा था।कृष्ण प्राइड टावर से मिली करोड़ों की नकदीजांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहे थे।

दोनों सट्टे से आने वाली रकम को हवाला चैनलों के जरिए एडजस्ट करने का काम करते थे।पुलिस ने फ्लैट पर दबिश देकर सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया।वहीं पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। इससे पहले करन चौधरी से भी नगदी और मोबाइल बरामद हुए थे।

पुलिस को मिले इलेक्ट्रॉनिक डाटा, यूपीआई ट्रांजेक्शन, चैट रिकॉर्ड और फायनेंशियल दस्तावेजों ने साफ कर दिया कि यह केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी नहीं बल्कि पूरा संगठित मनी नेटवर्क था, जिसमें अलग-अलग लोगों के खाते और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जा रहे थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

करन चौधरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने पुलिस जांच में आरोपी करन चौधरी के खिलाफ पहले से जुआ-सट्टा के कई मामले दर्ज होना सामने आया है। इसके अलावा मारपीट, रंगदारी, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में भी उसका नाम सामने आ चुका है।पुलिस ने उसके खिलाफ पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में सक्रिय था।

फरार गुड्डा सरदार की तलाश जारी मामले में फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार को पुलिस इस सिंडिकेट की अहम कड़ी मान रही है। पुलिस के अनुसार गुड्डा सरदार करन चौधरी के साथ मिलकर रायगढ़, खरसिया, सक्ती और रायपुर में ऑनलाइन जुआ नेटवर्क संचालित करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह की मॉनिटरिंग में चली पूरी कार्रवाईपूरे ऑपरेशन की खास बात यह रही कि इसकी मॉनिटरिंग स्वयं एसएसपी शशि मोहन सिंह कर रहे थे। लगातार बढ़ते ऑनलाइन अपराध और आर्थिक नेटवर्क पर जिस तरह से रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई की, उसने साफ कर दिया है कि अब जिले में आर्थिक अपराधियों के लिए जगह नहीं बची है।

एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और उनकी टीम ने जिस बारीकी से डिजिटल नेटवर्क, चैट रिकॉर्ड और फाइनेंशियल ट्रेल खंगाले, वह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की प्रोफेशनल जांच क्षमता को भी दर्शाती है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का साफ संदेश है कि जिले में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में ऐसे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती

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