पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर द्वारा 7 मार्च को अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन


जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर द्वारा 7 मार्च को अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन

बलरामपुर-रामानुजगंज, 7 मार्च 2025: जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के नेतृत्व में आज दिनांक 7 मार्च 2024 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले में लंबित अपराधों, मर्ग, गुमशुदा व्यक्तियों के मामले, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराध, ऑपरेशन मुस्कान, एनडीपीएस अधिनियम, आईटी अधिनियम और साइबर अपराध, महिलाओं से संबंधित अपराध, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, यातायात स्थिति, कानून और व्यवस्था, संवेदनशील पुलिसिंग, साइबर अपराध, एनडीपीएस, पॉक्सो अधिनियम और यातायात के प्रति जागरूकता जैसे विषयों की गहन समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के तमाम पुलिस अधिकारी और कर्मचारियो को हाल ही में समाप्त हुए नगरी निकाय एवं त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण और निर्विघ्न तरीके से सम्पादित करवाने के लिए ढेरों शुभकामनाएं दी। साथ ही साथ आगामी होली त्योहार एवं रमजान महीने के उपलक्ष्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और लोगो के बीच शांति पूर्ण वातावरण रहे इस संदर्भ में शांति समिति की बैठक लेकर पुलिस को ऐक्टिव रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष जोर १ साल से लंबित अपराधों के निराकरण, लंबित चिटफंड एवं धोखाधड़ी के मामलो का निराकरण, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, लंबित पीड़ित मुआवजा योजनाओं को पूरा करने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने, लंबित शिकायतों, वर्दी और बेसिक पुलिसिंग के आदर्शों का पालन करने पर दिया गया। इस बैठक में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी, वाड्रफनगर एसडीओपी  रामावतार ध्रुव तथा जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रमुख बिंदु:

1. लंबित अपराधों की समीक्षाः

पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पीड़ितों को न्याय मिले और उनकी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाए।

2. गुमशुदा व्यक्तियों के मामलेः

गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और गुमशुदा व्यक्त्तियों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बच्चों की तलाश और उनके पुनर्वास पर भी जोर दिया।

3. एनडीपीएस अधिनियम और नशा मुक्ति अभियानः

एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत होने वाले अपराधों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। लगातार एनडीपीएस के प्रकरण में जब्त वाहनों को राजसात एवं नशे के फाइनेंसियल

इन्वेस्टीगेशन और बैकवर्ड फॉरवर्ड लिंकेज पे कार्यवाही करने के निर्देश दिए उन्होंने नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दिए।

4. साइबर अपराध और आईटी अधिनियमः

साइबर अपराधों में हो रही वृद्धि को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए और आम जनता को इसके प्रति जागरूक किया जाए। साइबर अपराध के नए ट्रेंड्स जैसे की म्यूल अकाउंट, पॉइंट ऑफ सेल इन्वेस्टीगेशन, सोशल इंजीनियरिंग, फेक APK, ओटीपी फ्रॉड जैसे अन्य साइबर मॉडस ऑपरेंडी पर चर्चा कर साथ ही, आईटी अधिनियम के तहत होने वाले अपराधों की त्वरित जांच और निपटान पर भी जोर दिया गया।

5. महिलाओं से संबंधित अपराधः

महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाए और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत होने वाले अपराधों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।

6. निवारक निरोधः

पुलिस अधीक्षक ने प्रतिबंधात्मक कार्यवाही (Preventive Detention) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार करने और उन पर नजर रखने के लिए निवारक निरोध का उपयोग किया जाए। इससे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

7. यातायात स्थिति और सुरक्षाः

यातायात स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शराब पीकर वाहन चलाना, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट, ट्रिपल सवारी, नाबालिग द्वारा वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग में सुसंगत धराओं में प्रहवी कार्यवाही करने पर जोर दिया। उन्होंने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाएं और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

8. कानून और व्यवस्थाः

पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन उन्होंने कहा कि इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती और गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

9. पुलिसिंग के आदर्श और अनुशासनः

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों से अनुशासन बनाए रखने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने का निर्देश किया। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग के आदर्शों का पालन करते हुए जनता की सेवा की जाए। साथ ही, उन्होंने वर्दी और पुलिस की छवि को बनाए रखने पर भी जोर दिया।

10. लंबित शिकायतों का निराकरणः

पुलिस अधीक्षक ने लंबित शिकायत्तों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

11. पीड़ित मुआवजा योजनाः

पीड़ित मुआवजा योजना के तहत लंचित मामलों को पूरा करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को उनका हक शीघ्रता से मिले और उन्हें न्याय सुनिश्चित किया जाए।

12. साइबर अपराध, एनडीपीएस और पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकताः

पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध, एनडीपीएस और पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के
निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को इन कानूनों के बारे में जानकारी दी जाए और उन्हें अपराधों से बचने के लिए सचेत किया जाए।

पुलिस अधीक्षक का संदेशः

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर ने सभी पुलिस कर्मियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाना है। इसके लिए अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य जिले को अपराध मुक्त बनाना है। इसके लिए हमें खुद ऐक्टिव रहकर मिलकर एक टीम भावना से काम करना होगा और हर स्तर पर अपराधों को रोकने के लिए प्रयास करना होगा। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पुलिस रामानुजगंज डकैती के वक्त अपने टीम वर्क का बेहतरीन नमूना पेश कर चुकी है। हमें उसी तरह काम कर जनता का विश्वास जीतना है और ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं होगी उस तरह जानता को सुरक्षित महसूस कराना है।”

उपस्थित अधिकारी:

इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्वदीपक त्रिपाठी, वाड्रफनगर एसडीओपी श्री रामावतार ध्रुव तथा जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशों को गंभीरता से लिया और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया।

निष्कर्ष:

जिला बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस द्वारा आयोजित यह अपराध समीक्षा बैठक जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के प्रत्ति पुलिस की गंभीरता को दर्शाती है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिले को सुरक्षित और अपराध-मुक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट रणनीति तैयार की है। इस बैठक के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश दिया है कि वह जनता की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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